

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी)लखीमपुर खीरी, 09 अक्टूबर। परिषदीय स्कूल में औचक निरीक्षण करने पहुंचे डीएम अंजनी कुमार सिंह शुक्रवार को शिक्षक की भूमिका में नजर आए। कक्षा में पहुंचते ही उन्होंने बच्चों से सवाल-जवाब शुरू कर दिए। कभी अंग्रेजी के टेंस समझाए तो कभी गणित के सवाल पूछकर बच्चों की समझ परखी। सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों के लिए तालियां बजवाईं और उनकी सराहना कर हौसला बढ़ाया। डीएम का यह अंदाज बच्चों के लिए पढ़ाई को रोचक बनाने के साथ शिक्षकों के लिए भी एक संदेश दे गया।विकास क्षेत्र लखीमपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरिया राजापुर में निरीक्षण के दौरान डीएम सबसे पहले कक्षा छह में पहुंचे। यहां अंग्रेजी की कक्षा चल रही थी। डीएम ने विद्यार्थियों से अंग्रेजी अनुवाद के कई सवाल पूछे और टेंस का कॉन्सेप्ट समझाकर उनकी विषय पर पकड़ जानी। सवालों के सही जवाब मिलने पर उन्होंने बच्चों के लिए तालियां बजवाईं, जिससे विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा।
*आशु, संध्या और दिव्यांश ने दिए सही जवाब, डीएम ने बढ़ाया उत्साह*
अंग्रेजी के बाद गणित में बच्चों की समझ परखने की बारी आई। डीएम ने भाग के कई सवाल पूछे। छात्र आशु गुप्ता ने सही जवाब दिया तो डीएम ने तालियां बजवाकर उसकी सराहना की। छात्रा संध्या ने गुणा का सवाल सही हल किया तो उसकी भी प्रशंसा की। इसके बाद कक्षा सात में पहुंचकर अंग्रेजी अनुवाद के प्रश्न पूछे। इसी दौरान छात्र दिव्यांश ने भाग का सवाल हल कर अपनी गणितीय समझ का परिचय दिया। कक्षा आठ में भी डीएम ने गणित के सवाल पूछकर विद्यार्थियों का अधिगम स्तर जांचा और सही उत्तर देने वाले बच्चों की हौसला अफजाई की।
*डीएम बोले, सिर्फ पाठ पूरा करना नहीं, बच्चों को समझाना जरूरी*
निरीक्षण के दौरान डीएम अंजनी कुमार सिंह ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि बच्चों को पूरे मनोयोग से पढ़ाएं। प्रत्येक विषय के मूल कॉन्सेप्ट को स्पष्ट करें, ताकि विद्यार्थी केवल उत्तर याद करने के बजाय विषय को समझकर सवाल हल कर सकें। उन्होंने कहा कि कोई भी टॉपिक पढ़ाने के बाद उससे संबंधित एक्सरसाइज अवश्य कराई जाए। नियमित अभ्यास से बच्चों की समझ मजबूत होगी और उनमें स्वयं सवाल हल करने का आत्मविश्वास विकसित होगा।
