पलिया कलां (खीरी) पुलिस अधीक्षक खीरी द्वारा विद्यालय सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा हेतु स्कूल प्रबंधकों के साथ एक अति-महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई। भविष्य में स्कूली छात्र-छात्राओं को पूर्णतः सुरक्षित वातावरण प्रदान करने तथा विद्यालय प्रबंधन की स्पष्ट जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से, पुलिस अधीक्षक खीरी के कड़े निर्देशों के क्रम में जनपद के सभी विद्यालयों के लिए एक विस्तृत ‘सुरक्षा ब्रीफिंग नोट’ जारी किया गया है। बच्चों की सुरक्षा पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए, एसपी खीरी ने सभी विद्यालय प्रबंधकों को निम्नलिखित कड़े निर्देशों का तत्काल एवं शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं:
1. प्रवेश नियंत्रण (Access Control) को सख्त बनाना:
विद्यालय अवधि के दौरान केवल एक मुख्य द्वार खुला रहेगा, अन्य सभी गेट पूर्णतः बंद रहेंगे।
मुख्य द्वार पर आगंतुक रजिस्टर (Visitor Register) रखना अनिवार्य है, जिसमें आगंतुक का फोटो युक्त पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, मिलने वाले व्यक्ति का नाम और समय दर्ज किया जाएगा।
विद्यालय समय में किसी भी बाहरी व्यक्ति (निजी आगंतुक) का प्रवेश वर्जित होगा। आगंतुक केवल रिसेप्शन/प्रतीक्षा कक्ष में ही स्टाफ से मिल सकेंगे। उनका कक्षाओं, गलियारों या ऊपरी मंज़िल तक जाना सख्त मना है।
बाहरी व्यक्ति के कहने पर किसी भी शिक्षक या स्टाफ को कक्षा से बाहर नहीं बुलाया जाएगा।
आगंतुकों के बैग की अनिवार्य जाँच तथा छात्रों के बैग की आकस्मिक (Random) जाँच की जाए।
छुट्टी के समय बच्चों को केवल अधिकृत ‘पिक-अप कार्ड’ धारक व्यक्ति को ही सौंपा जाए।
2. परिसर सुरक्षा एवं पुलिस सत्यापन:
विद्यालय की चारदीवारी पर्याप्त ऊँचाई की होनी चाहिए और उस पर ‘एंटी-क्लाइंब’ व्यवस्था हो। अप्रयुक्त कमरे, स्टोर रूम व छत के रास्तों पर ताला लगा होना चाहिए।
विद्यालय में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी (शिक्षक, सफाईकर्मी, गार्ड, ड्राइवर, कंडक्टर आदि) का नियुक्ति से पूर्व पुलिस सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य है।
विद्यालय में तैनात गार्ड केवल लाइसेंसधारी एजेंसी से ही होने चाहिए।
3. बाल संरक्षण एवं POCSO अनुपालन:
श/स्टाफ और छात्रों के लिए अलग-अलग शौचालय होने चाहिए। छोटे बच्चों के शौचालय पर महिला अटेंडेंट की ड्यूटी अनिवार्य है।
कोई भी स्टाफ किसी बच्चे के साथ बंद कमरे में अकेला नहीं रहेगा।
चाइल्डलाइन (1098), आपात सेवा (112) एवं वूमेन पावर लाइन (1090) के नंबर परिसर में प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं।
POCSO एक्ट के अंतर्गत किसी भी अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को देना अनिवार्य है। इसमें विद्यालय स्तर पर कोई “समझौता” नहीं किया जाएगा। विद्यालय में बाल संरक्षण समिति का गठन और शिकायत पेटी लगाई जाए।
4. CCTV एवं आपातकालीन उपाय:
गेट, गलियारे, खेल मैदान और शौचालय के बाहरी हिस्सों में CCTV कैमरे अनिवार्य रूप से चालू हालत में होने चाहिए और उनकी 30 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी जाए।
रिसेप्शन, स्टाफ रूम व प्रधानाचार्य कक्ष में पैनिक बटन/अलार्म लगाए जाएं।
विद्यालय में ‘लॉकडाउन’ योजना लागू हो तथा वर्ष में दो बार आपातकालीन निकासी/फायर ड्रिल का अभ्यास कराया जाए।
विद्यालय प्रबंधन छात्रों के बीच झगड़े, स्टाफ का पीछा किए जाने या सोशल मीडिया पर दी गई धमकियों को गंभीरता से ले और तत्काल पुलिस व अभिभावकों को सूचित करे।
5. पुलिस से समन्वय:
प्रत्येक विद्यालय अपना एक नोडल अधिकारी नामित करेगा जो स्थानीय थाने के बीट अधिकारी व थाना प्रभारी के नियमित संपर्क में रहेगा।
विद्यालय खुलने व छुट्टी के समय ‘एंटी-रोमियो’ व PRV द्वारा गश्त सुनिश्चित की जाएगी।
जनपद पुलिस विद्यालय परिसरों को पूर्णतः सुरक्षित बनाने के लिए संकल्पित है। सभी विद्यालय प्रबंधकों से अपेक्षा है कि वे इन निर्देशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करें। लापरवाही बरतने वाले विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।