

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) मोहम्मदी (खीरी)। मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के अंतर्गत स्कूली बच्चों की सुरक्षित एवं सुगम परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उप-संभागीय परिवहन कार्यालय, लखीमपुर-खीरी के सहयोग से शनिवार को नगर के दून पब्लिक स्कूल, मोहम्मदी में स्कूल वाहन चालकों हेतु स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में मोहम्मदी क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 56 स्कूल वाहन चालकों एवं वाहन सेवकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित विद्यालय परिवहन उपलब्ध कराने के साथ-साथ वाहन चालकों के स्वास्थ्य एवं दृष्टि की नियमित जांच सुनिश्चित करना रहा।
शिविर में चिकित्सक डॉ. हारिश खान एवं डॉ. एस. के. शर्मा के मार्गदर्शन में वाहन चालकों की नेत्र दृष्टि जांच, मधुमेह (शुगर) जांच, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांचें की गईं। जांच के दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य टीम द्वारा वाहन चालकों को उनके स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया। वाहन चालकों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, संतुलित आहार लेने, पर्याप्त आराम करने तथा वाहन चलाते समय अपने स्वास्थ्य एवं मानसिक सजगता का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर गुरवेज सिंह, अभिषेक पटेल, निशांत शुक्ला एवं शादाब खान ने भी स्वास्थ्य एवं जांच संबंधी व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंधक डॉ. गुरुमेजर सिंह ने कहा कि स्कूल वाहन चालक बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे सुरक्षित विद्यालय पहुंचें और वापस अपने घर लौटें, इसमें वाहन चालकों की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए उनका स्वस्थ, सतर्क एवं पूर्ण रूप से सक्षम रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों के स्वास्थ्य एवं दृष्टि की नियमित जांच केवल उनके व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि विद्यालय में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा से भी सीधे जुड़ी हुई है। उन्होंने परिवहन विभाग द्वारा मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के अंतर्गत चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों एवं सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने की अपील की।
चिकित्सकों ने वाहन चालकों को संबोधित करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय दृष्टि का सही होना अत्यंत आवश्यक है। आंखों में किसी प्रकार की समस्या, अत्यधिक थकान, चक्कर, कमजोरी अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर वाहन चलाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को लेकर चलने वाले वाहन चालकों को अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहना चाहिए।
शिविर के दौरान विद्यालय प्रबंधन की ओर से स्वास्थ्य परीक्षण कराने आए सभी 56 वाहन चालकों एवं वाहन सेवकों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उन्हें बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा वाहन चलाते समय गति, यातायात नियमों, सड़क की स्थिति एवं मौसम का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया गया।
मिशन सेफ फ्यूचर 2.0 के अंतर्गत आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके सुरक्षित परिवहन से जुड़े वाहन चालकों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
