(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) पुलिस अधीक्षक खीरी, डा0 ख्याति गर्ग के कुशल निर्देशन, प्रभावी नेतृत्व एवं सतत पर्यवेक्षण में जनपद खीरी में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा हेतु महिला संबंधी अपराधों के प्रति संवेदनशीलता के साथ निरंतर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। महिला उत्पीड़न, दुष्कर्म, पाक्सो एवं अन्य गंभीर अपराधों से प्रभावित पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को न्याय दिलाने के साथ-साथ उन्हें शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु जनपद पुलिस द्वारा विशेष प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जा रहा है।
इसी क्रम में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में पंजीकृत महिला संबंधी गंभीर अभियोगों में पात्र पीड़िताओं को रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु व्यापक अभियान संचालित किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा समस्त थाना प्रभारियों, महिला सहायता प्रकोष्ठ, मिशन शक्ति सेल एवं संबंधित शाखाओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि महिला अपराधों से संबंधित प्रत्येक पात्र प्रकरण में तत्काल आवश्यक कार्यवाही करते हुए समयबद्ध ढंग से प्रस्ताव तैयार कर शासन स्तर पर प्रेषित किए जाएं, जिससे पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को शीघ्र आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके। पुलिस विभाग द्वारा प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ परीक्षण करते हुए पीड़िताओं एवं उनके परिजनों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित किया गया तथा उन्हें शासन की योजनाओं एवं सहायता प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कई मामलों में पीड़ित परिवार आर्थिक एवं सामाजिक कठिनाइयों से जूझ रहे थे, ऐसे में जनपद पुलिस द्वारा मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति, प्रस्तावों के सत्यापन एवं शासन को प्रेषण की प्रक्रिया को त्वरित एवं सरल बनाया गया। आर्थिक सहायता प्रकोष्ठ जनपद खीरी की सक्रिय कार्यवाही एवं सतत अनुश्रवण के परिणामस्वरूप पात्र 16 पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को शासन स्तर से 48 लाख रू0(4800000/- रू0) आर्थिक अनुदान स्वीकृत कराया गया, जिससे उन्हें कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संबल एवं मानसिक सहयोग प्राप्त हुआ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा महिला सुरक्षा एवं पीड़ित सहायता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए जाते हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी महिला पीड़िता को सहायता प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब अथवा प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। जनपद पुलिस द्वारा महिला अपराधों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाते हुए न केवल अभियुक्तों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है, बल्कि पीड़िताओं को न्याय, सुरक्षा एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
