पलिया कलां (खीरी)दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी में वन्य जीव सप्ताह के पॉचवे दिवस (06.10.2026) को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के अन्तर्गत स्कूली बच्चों और स्थानीय समुदाय को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए चित्रकला, पजल, रंगोली और मूर्तिकला प्रतियोगिताओं का आयोजन सफलतापूर्वक कराया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया।
इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बच्चों की रचनात्मकता और तार्किक क्षमता को परखने के लिए चार मुख्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गयाः
चित्रकला प्रतियोगिता – बच्चों ने कैनवास पर दुधवा के बाघों, दुर्लभ बारहसिंगा, गैंडों और जंगलों के खूबसूरत चित्र बनाये। कला के माध्यम से मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की सुंदर झलक देखने को मिली।
रंगोली प्रतियोगिता -छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक रंगों का उपयोग करते हुए आकर्षक रंगोली बनाई, जिसने सभी आगंतुकों का मन मोह लिया।
मूर्तिकला प्रतियोगिता-पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों से बच्चों ने बाघ, हाथी और विभिन्न पक्षियों की सजीव मूर्तियां बनाईं और अपनी छिपी हुई कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
पजल प्रतियोगिता – वन्यजीवों और पर्यावरण से जुड़े दिमागी पजल (पहेलियों) के माध्यम से बच्चों की तार्किक क्षमता को बढ़ावा दिया गया, जिसे बच्चों ने खेल-खेल में हल किया।
इस अवसर पर अधिकारियों/कर्मचारियांे ने अपने संबोधन में कहा, ”बच्चे देश का भविष्य हैं। कला और खेल के माध्यम से जब वे वन्यजीवों की महत्व को समझेंगे, तभी हमारी आने वाली पीढ़ी प्रकृति और जंगलों को बचाने के लिए आगे आएगी। दुधवा टाइगर रिजर्व इस प्रकार के आयोजन लगातार करता रहेगा ताकि स्थानीय लोगों में जंगल के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना मजबूत हो।“
उक्त प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र/छात्राओं को वन्य प्राणी सप्ताह के समापन अवसर 08.10.2026 को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जायेगा।
इस अवसर पर कार्यक्रम के दौरान सुरेन्द्र कुमार, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी, पर्यटन रेंज, रोहित रवि, वरिष्ठ परियोजाना अधिकारी, विश्व प्रकृति निधि-भारत, डा0 तलहा, पशुचिकित्सक, दुधवा, राजेन्द्र कुमार, वन दरोगा, पर्यटन, सुशांत सिंह, स्टोर प्रभारी, विपिन सैनी, आउटरीच प्रोग्राम इंचार्ज, सन्दीप कुमार, फार्मासिस्ट, धनीराम, अभिप्रेरक, सुश्री नाजरून निशा, अभिप्रेरक, सहित विभिन्न स्कूलों के शिक्षक एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अधिकारियों/कर्मचारियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना सुदृढ़ होती है।