(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) वन्य प्राणी सप्ताह के चौथे दिन दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग पलिया में जगदीश आर0, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी के मार्ग दर्शन में वन्य जीव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय उद्यान के दुधवा पर्यटन परिसर में चल रहे वन्य प्राणी सप्ताह के चौथे दिवस पर छात्र-छात्राओं के लिए विभिन्न रोचक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों के मध्य वाद-विवाद (डिबेट) एवं खजाने की खोज (ट्रेजर हंट) प्रतियोगिताएं कराई गईं, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण (खजाने की खोज) प्रतियोगिता रही, जिसमें बच्चों ने प्रकृति के बीच सुराग ढूंढते हुए पर्यावरण से जुड़े संदेशों को समझा। वहीं, वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों और उपायों पर बेहद बेबाकी और तार्किक ढंग से अपने विचार साझा किए। प्रतियोगिताओं के मुख्य आकर्षण एवं परिणामः-वाद-विवाद प्रतियोगिताः इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय वन्यजीव कारिडोर और मानव सह-अस्तित्व पर आधारित था। बच्चों ने इसके पक्ष और विपक्ष में दार तर्क प्रस्तुत किए।खजाने की खोजः दुधवा पर्यटन परिसर के प्राकृतिक वातावरण में आयोजित इस खेल के जरिए बच्चों को जंगल, वृक्षों और वन्यजीवों के महत्व को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।
उक्त दोनों प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र/छात्राओं को वन्य प्राणी सप्ताह के समापन अवसर 08.10.2026 को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जायेगा। इस अवसर पर कार्यक्रम के दौरान रोहित रवि, वरिष्ठ परियोजाना अधिकारी, विश्व प्रकृति निधि-भारत, डा0 तलहा, पशुचिकित्सक, दुधवा, लैंड स्लाइड कुमार, वन दरोगा, पर्यटन, सुशांत सिंह, स्टोर प्रभारी, विपिन सैनी, आउटरीच प्रोग्राम इंचार्ज, सन्दीप कुमार, फार्मासिस्ट, धनीराम, अभिप्रेरक, सुश्री नाजरून निशा, अभिप्रेरक, सहित विभिन्न स्कूलों के शिक्षक एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अधिकारियों/कर्मचारियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजनों से नई पीढ़ी में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना सुदृढ़ होती है।