पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी 19 मई। खीरी में वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत वर्षाऋतु में जनपद के लिए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत पौधरोपण के उद्देश्य से “वृक्षारोपण जन अभियान-2026” के तहत मंगलवार शाम कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में डीएम अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में “वृक्षारोपण जन अभियान-2026” की रूपरेखा तय की गई। बैठक में केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में उप प्रभागीय वनाधिकारी (दक्षिण खीरी वन प्रभाग) अभय प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2026-27 में शासन द्वारा जनपद को 92 लाख 87 हजार 753 पौध पौधे रोपित किये जाने का लक्ष्य आवंटित किया गया है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने लक्षित विभागों को निर्देश दिया कि आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष पौधरोपण कराने के व्यापक प्रबंध किये जाएं। डीएम ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि निर्धारित 92 लाख 87 हजार 753 पौधों तक ही सीमित न रहें। विभागीय परिसंपत्तियों में यदि पर्याप्त स्थान उपलब्ध है और वह स्थान पौधरोपण के लिए उपयुक्त भी है तो लक्ष्य से अधिक पौधे भी रोपित कराने का प्रयास करें।
डीएम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आज आवश्यकता ही नहीं बल्कि मजबूरी बन गया है। वृक्षों के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय समस्याओं से निजात पाने का सबसे आसान उपाय अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बैठक में डीएम ने सभी विभागीय अफसरो के साथ स्थल चयन के साथ-साथ गड्ढे के खुदान, जून माह में नर्सरी एवं पौध चयन, जून के अंत तक पौध उठान सहित पौधरोपण के निर्देश के साथ की पूरी रूपरेखा बनाने को कहा।
बैठक मे सीडीओ अभिषेक कुमार ने अभियान की रूपरेखा बताई। उन्होंने लक्ष्य क्षेत्र चयन, गड्ढा खुदाई, नर्सरी में पौधे की तैयारी पौध आपूर्ति क्रियान्वयन, नर्सरीवार उपलब्ध पौध का विवरण, वृक्षारोपण में प्रयुक्त प्रजातियां, कंट्रोल रूम एवं वाररूम की स्थापना, क्रियाशीलता संबंध में जरूरी दिशा निर्देश दिए।
*विभागवार पौधरोपित किए जाने का लक्ष्य एक नजर में….*
वन विभाग (दक्षिण 13 लाख + उत्तर खीरी 14.45 लाख) 27.45 लाख, पर्यावरण 2.69 लाख, ग्राम्य विकास 37,22,353, राजस्व 3.52 लाख, पंचायतीराज 4.27 लाख, आवास विकास 9,000, औद्योगिक विकास 15,000, नगर विकास 48,000, लोक निर्माण 24,000, सिंचाई (जल शक्ति) 25,000, रेशम 33,000, कृषि 8.37 लाख पशुपालन 17,000, सहकारिता 18,620, उद्योग 16,000, विद्युत 13,020, माध्यमिक शिक्षा 25,000, बेसिक शिक्षा 41,000, प्राविधिक शिक्षा 11,000, उच्च शिक्षा 41,000, श्रम 3,600, स्वास्थ्य 24,000, परिवहन 3,400, रेलवे विभाग 29,000, रक्षा 8,000, उद्यान 5.19 लाख पुलिस (गृह विभाग) 11,760।