(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलियाकलां- खीरी लखीमपुर 30 जुलाई। महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए परिवाद समिति का गठन किया जाएगा। इसके आदेश महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से प्रशासन को प्राप्त हुए हैं।

अधिनियम के तहत 2013 की धारा चार के अनुपालन में जनपद के ऐसे प्रत्येक शासकीय अर्द्धशासकीय एवं अशासकीय एवं (निजी) विभाग, संगठन, उपक्रम स्थापना, उद्यम, संस्था, शाखा अथवा यूनिट में जहां कर्मियों की संख्या 10 से अधिक है। ऐसे सभी कार्यालयों की जांच नियोजकों द्वारा कार्यस्थल लैंगिक उत्पीड़न सम्बंधी शिकायतों की जांच के लिए आन्तरिक परिवाद समिति का गठन किया जायेगा।

जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने बताया कि व्यथित महिला कार्यस्थल पर हुए लैंगिक उत्पीड़न से सम्बंधित शिकायत उस कार्य स्थल के लिए गठित आन्तरिक परिवाद समिति में दर्ज करा सकती है। समिति का गठन उस कार्यस्थल पर वरिष्ठ स्तर पर नियोजित महिला की अध्यक्षता में होगा। जिसमें से दो सदस्य सम्बंधित कार्यालय से एवं एक सदस्य गैर सरकारी संगठन से नियोजक द्वारा नामित किये जाएंगे। समिति की कुल सदस्यों में से आधी सदस्य महिलाएं होगीं। इसके अतिरिक्त ऐसे कार्य स्थल जहां कार्मिकों की संख्या 10 से कम है, वहां की व्यथित महिला द्वारा इस प्रकार के लैंगिक उत्पीड़न की शिकायत जनपद में डीएम द्वारा गठित स्थानीय समिति में दर्ज करायी जा सकती है। यदि कोई नियोजक अपने कार्यस्थल में नियमानुसार आंतरिक समिति गठन न किये जाने की पर सिद्ध दोष ठहराया जाता है, तो नियोजक पर रुपये 50,000 तक का अर्थदण्ड अधिरोपित किये जानेका प्राविधान है।

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