

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी, 23 सितंबर। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्चंं प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को अटल सभागार में जिलेभर के विद्यालयों के प्रबंधन तंत्र के साथ आयोजित बैठक में डीएम अंजनी कुमार सिंह, एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने सुरक्षा मानकों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर परिसर के भीतर तक प्रत्येक स्तर पर सुरक्षा प्रबंध प्रभावी और व्यवस्थित रखे जाएं। बैठक का सफल संयोजन डीआईओएस विनोद कुमार मिश्र और बीएसए प्रवीण तिवारी ने किया।
डीएम ने कहा कि अभिभावक विश्वास के साथ अपने बच्चों को विद्यालय भेजते हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान और उद्देश्य स्पष्ट हो। मुख्य गेट पर ही आगंतुक का सत्यापन होगा और अनधिकृत व्यक्ति को किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। स्कूल परिसर बच्चों के लिए सुरक्षित क्षेत्र होना चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था में छोटी सी चूक भी गंभीर परिणाम दे सकती है, इसलिए सभी विद्यालय निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
*एक ही गेट से प्रवेश, विजिटर की पूरी निगरानी*
एसपी ने कहा कि विद्यालयों में केवल एक मुख्य प्रवेश द्वार खुला रखने और अन्य गेट बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। विजिटर रजिस्टर में नाम, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र और प्रवेश-निकास का समय दर्ज किया जाएगा। आगंतुकों के लिए परिसर में अलग स्थान निर्धारित किया जाएगा, ताकि उनका अनावश्यक आवागमन न हो। पिक एंड ड्रॉप व्यवस्था में आई-कार्ड अथवा OTP से सत्यापन की व्यवस्था मुख्य गेट पर ही सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्कूल समय में व्यक्तिगत अथवा अनावश्यक मुलाकातों के लिए बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
*16 बिंदुओं की चेकलिस्ट से होगी सुरक्षा की पड़ताल*
एसपी ने कहा कि डीआईओएस और बीएसए से स्कूलों की सूची लेकर प्रत्येक पुलिस डिविजन के अनुसार बीट पुलिसकर्मियों को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी जाएगी। विद्यालय भी अपना नोडल सुरक्षा अधिकारी नामित करेंगे। बीट पुलिसकर्मी 16 बिंदुओं की सुरक्षा चेकलिस्ट के आधार पर नियमित सिक्योरिटी ऑडिट करेंगे।
*बंद CCTV पर भी नजर, DVR रहेगा सुरक्षित*
स्कूलों में सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कॉरिडोर, टॉयलेट की ओर जाने वाले रास्तों, पार्किंग और खेल मैदान जैसे कम दृश्यता वाले स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। कैमरों की सक्रियता का दैनिक रजिस्टर रखा जाएगा और डीवीआर को सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी भी स्कूल समय के अनुरूप सुनिश्चित की जाएगी। अप्रशिक्षित अथवा ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले गार्डों पर भी स्कूल प्रबंधन को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
*स्टाफ से लेकर बस चालक तक का हर छह माह में सत्यापन*
विद्यालय के शिक्षक, संविदाकर्मी, बस चालक, परिचालक, कैंटीन कर्मचारी और सफाईकर्मियों का हर छह माह में पुलिस सत्यापन कराया जाएगा। नौकरी से हटाए गए कर्मचारियों का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना होगा। मुख्य गेट या रिसेप्शन पर शिक्षकों व स्टाफ के फोटो, पद और संपर्क नंबर का डिस्प्ले बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
*बैग की आकस्मिक जांच, संदिग्ध वस्तु मिलने पर होगी कार्रवाई*
एसपी ने विद्यालयों में समय-समय पर स्कूल बैग की आकस्मिक जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के बैग में संदिग्ध एवं प्रतिबंधित वस्तु पहुंचना गंभीर सुरक्षा चूक है। विद्यालय परिसर में किसी भी छात्र, अभिभावक या बाहरी व्यक्ति को हथियार लाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
*पैनिक बटन से एक साथ अलर्ट होगा पूरा स्कूल*
आपात स्थिति से निपटने के लिए विद्यालयों में पैनिक बटन और इमरजेंसी अलार्म सिस्टम लगाने पर जोर दिया गया है। खतरे की स्थिति में इससे पूरे विद्यालय को तत्काल अलर्ट किया जा सकेगा और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में मदद मिलेगी।
*1098, 112 और 1090 के साथ ‘गुड टच-बैड टच’ की जानकारी*
विद्यालयों के प्रमुख स्थानों पर चाइल्डलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112 और महिला हेल्पलाइन 1090 के नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच और पॉक्सो कानून की जानकारी देने के साथ नियमित जागरूकता कार्यक्रम और मॉक ड्रिल कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
*बच्चों के जरिए अभिभावकों को सिखाएंगे ट्रैफिक का पाठ*
सड़क सुरक्षा को लेकर डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बच्चों के माध्यम से अभिभावकों की आदत बदलने का विजन सामने रखा है। पिक एंड ड्रॉप के दौरान बिना हेलमेट बच्चे को स्कूल छोड़ने आने वाले अभिभावक को स्कूल गेट पर ही यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि बच्चे केवल नियम जानें ही नहीं, बल्कि अपने माता-पिता को भी नियम पालन के लिए प्रेरित करें। स्कूल प्रबंधनों को अभिभावकों के साथ शिक्षक-अभिभावक बैठक आयोजित कर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल परिसर के बाहर अव्यवस्थित पार्किंग और यातायात बाधित होने की स्थिति से बचने के लिए स्कूल प्रबंधन को स्वयं व्यवस्था संभालने को कहा गया है।
*बच्चे बनेंगे बदलाव के वाहक*
डीएम-एसपी की इस पहल का फोकस केवल स्कूल की चारदीवारी तक सुरक्षा सीमित रखने के बजाय बच्चों को सुरक्षा और अनुशासन का संदेशवाहक बनाने पर है। प्रशासन का मानना है कि स्कूल में सुरक्षित माहौल के साथ घर से स्कूल तक सुरक्षित आवागमन की आदत विकसित होने से सड़क सुरक्षा के प्रति भी दीर्घकालिक जागरूकता पैदा होगी।
बच्चे के सिर पर हेलमेट, सफर रहे सुरक्षित: डीएम
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को दोपहिया वाहन से स्कूल भेजते समय हेलमेट जरूर पहनाएं। बच्चों को स्कूल छोड़ने आएं तो स्वयं भी हेलमेट लगाएं, क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो बड़ों को करते देखते हैं। कुछ मिनट की जल्दबाजी के लिए सुरक्षा से समझौता न करें और यातायात नियमों का पालन कर बच्चों के सामने मिसाल पेश करें।
*स्कूल प्रबंधन ने भी रखे सुझाव*
बैठक में स्ववित्त पोषित विद्यालय प्रबंधक संघ लखीमपुर के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, महासचिव रमेश पांडिया और शिक्षाविद नीरज सिंह ने विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने से जुड़े अपने सारगर्भित विचार एवं सुझाव रखे। उन्होंने प्रशासन की सुरक्षा संबंधी पहल में विद्यालय प्रबंधन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही।
