



(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी)खंभारखेडा (लखीमपुर)बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड चीनी मिल खम्भारखेड़ा केन रिसर्च काउंसिल, मुजफ्फरनगर के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. अवधेश कुमार डागर ने दो दिवसीय भ्रमण एवं निरीक्षण किया। इस अवसर पर उनके साथ ए.जी.एम. केन (कॉर्पोरेट) असद शेख, महाप्रबंधक (गन्ना) पुष्पेन्द्र ढाका सहित गन्ना विभाग के अधिकारी, क्षेत्रीय प्रभारी, ब्लॉक प्रभारी एवं विकास कर्मचारी उपस्थित रहे।
दो दिवसीय भ्रमण के दौरान डॉ. डागर ने मिल क्षेत्र के विभिन्न जोनों एवं ग्रामों का भ्रमण कर शरदकालीन, बसंतकालीन, पेड़ी (रैटून), बीज प्लॉट एवं प्रदर्शन प्लॉटों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न गन्ना प्रजातियों की बढ़वार, फसल की स्थिति, खेतों में अपनाई जा रही कृषि तकनीकों तथा कीट एवं रोगों की स्थिति का गहन अवलोकन किया तथा किसानों एवं गन्ना विकास कर्मचारियों को आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए।
निरीक्षण के दौरान डॉ. डागर ने किसानों को समय पर गन्ने की बंधाई एवं मिट्टी चढ़ाई कराने की सलाह दी, जिससे फसल गिरने से सुरक्षित रहे, जड़ों का बेहतर विकास हो तथा उत्पादन में वृद्धि हो सके। उन्होंने बताया कि इन कृषि क्रियाओं को समय पर करने से गन्ने की गुणवत्ता एवं उपज दोनों में सुधार होता है।
उन्होंने किसानों को विशेष रूप से सलाह दी कि गन्ने की हरी पत्तियों को अनावश्यक रूप से न तोड़ें, क्योंकि हरी पत्तियां प्रकाश संश्लेषण द्वारा पौधे के लिए भोजन तैयार करती हैं। हरी पत्तियों को तोड़ने से गन्ने की बढ़वार प्रभावित होती है, वजन में कमी आती है तथा चीनी परता (रिकवरी) पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने केवल सूखी एवं रोगग्रस्त पत्तियों को हटाने की सलाह दी। उन्होंने ने किसान साथियों से यह भी कहा कि अभी गन्ने में कोई बीमारी नहीं है लेकिन इस मौसम में बीमारी लगते देर नहीं लगती है। इसलिए गन्ने के खेत की निगरानी अत्यंत आवश्यक है। अगर खेत में कीड़े का प्रकोप दिखाई दे तो दवाओ का अवश्य छिड़काव करायें।
