
(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी के लिए मानसून सत्र के चलते यह समय अत्यंत संवेदनशील है। इस सत्र में वन्य जीवों के आहार के लिए उपयोगी धरती का फूल एवं कटरुआ भी सघन वन क्षेत्र में निकलता है। इस कारण लोग लालचवश जंगल में बिना जान-माल की रक्षा किए वन्य जीवों के आहार के दोहन के लिए जंगल में अवैध प्रवेश करते हैं। जबकि यह सभी को ज्ञात है कि दुधवा टाइगर रिजर्व में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम लागू है। इस कारण बिना अनुमति के प्रवेश निषिद्ध है साथ ही वन्य जीवों का बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण जान-माल को हर क्षण खतरा बना रहता है। जानहानि एवं वन्य जीवों को बचाए रखने के उद्देश्य से ही इस प्रकार के नियम बनाए गए हैं, जिनका सभी को पालन करना चाहिए। मानसून सत्र में वन्य जीवों की सुरक्षार्थ सघन पेट्रोलिंग हेतु टीमें सक्रिय हैं। इसी क्रम में आज दिनांक 21.07.2026 को दक्षिण सोनारीपुर रेंज के गुलरा प्रक्षेत्र में गुलरा स्टाफ श्री अनुराग, वन दरोगा, श्री भानू यादव, वन रक्षक बीट वाचरों के साथ पेट्रोलिंग कर रहे थे। पेट्रोलिंग के दौरान पेट्रोलिंग की मानीटरिंग कर रहे दीपक कुमार पाण्डेय, उप प्रभागीय वनाधिकारी, बेलरायां एवं अखिलेश कुमार शर्मा, क्षेत्रीय वन अधिकारी, दक्षिण सोनारीपुर रेंज भी उक्त क्षेत्र में पहुॅचे। दौरान पेट्रोलिंग अधिकारी/कर्मचारियों को उक्त क्षेत्र में छड़ीराम (उम्र लगभग 40 वर्ष) पुत्र लालजी और मंशाराम (उम्र लगभग 35 वर्ष) पुत्र नारायन, निवासीगण ग्राम-मटैहिया, थाना-मझगई, तहसील-पलिया, जिला-खीरी धरती के फूल खोदते हुए मिला, जिन्हें उनका अपराध बताकर हिरासत में ले लिया गया। अभियुक्तों के पास से लगभग 20 किग्रा धरती का फूल बरामद हुआ। अभियुक्तों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की सुसंगत धाराओं के अंर्तगत विधिक कार्यवाही की जा रही है। यहां यह भी स्पष्ट करना है कि आए दिन मानव वन्य जीव संघर्ष की स्थितियॉ उत्पन्न हो रही हैं, लोगों को जंगल क्षेत्र में जाने से मना करने के दृष्टिगत निरंतर जागरुकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, बावजूद इसके लोग मानने के लिए तैयार नहीं है। लोग न केवल स्वयं की जान खतरे में डाल रहे हैं, अपितु इस क्षति से अपने परिवारजनों के प्रति भी संवेदनशील नहीं है। वर्तमान समय अत्यंत संवेदनशील है, किसी भी दशा में आम जनमानस जंगल का रुख न करें।
