


(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में प्रतिभा अलंकरण समारोह में मेधावियों का हुआ सम्मान।
भारतीय शिक्षा समिति के प्रदेश निरीक्षक राम जी सिंह ने कहा कि अर्थोपार्जन मनुष्य के विकास का वास्तविक मानदण्ड नहीं है, बल्कि सुन्दर स्वभाव, श्रेष्ठ संस्कार, सम्मान देने की भावना, समाज की शक्ति और राष्ट्र के विकास का आधार ही व्यक्ति की सच्ची पहचान है।
आदरणीय रामजी सिंह स्थानीय सरस्वती शिशु मन्दिर इण्टर कॉलेज में आयोजित प्रतिभा अलंकरण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को विकसित भारत के निर्माण में अपना सर्वोत्तम योगदान देने का संकल्प भी कराया। भैया बहनों को उनकी क्षमता का आंकलन कराते हुए भारत माता के उत्कर्ष के लिए पूरी ताकत लगाने का संकल्प कराया, साथ ही जग सिर मौर बनाएं भारत के नित्य जाप का स्मरण कराते हुए स्व का समर्पण करने के लिए प्रेरित किया। अन्त में तीन बार माँ भारती की जय का उद्घोष भी कराया।
समारोह में विद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विभिन्न सम्मान प्रदान किए गए। प्रिया वर्मा एवं साक्षी मिश्रा को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए “विद्यालय ज्योति”, शिवांश वर्मा को “विद्यालय भूषण”, आराध्या सिंह को “विद्यालय श्री” तथा प्रभात कुमार को “विद्यालय रत्न” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट के शीर्ष 10 स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को विशिष्ट पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट के कुल 116 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
गणित विषय में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छह विद्यार्थियों — भैया आदर्श पटेल, विवेक वर्मा, प्रतीक सिंह, प्रभात कुमार, अहम वर्मा एवं बहन लक्ष्मी गुप्ता — को विद्यालय की ओर से रेञ्जर साइकिल भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम तथा सांध्यकालीन कक्षाओं में शिक्षण कार्य करने वाले अध्यापकों को भी विशिष्ट पुरस्कार एवं धनराशि की चेक देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि अवधेश प्रसाद मिश्रा उप निबन्धक फतेहपुर तहसील ने अपने आशीर्वचन में कहा कि कठिन परिश्रम से शीर्ष स्थान प्राप्त किया जा सकता है, किन्तु अपनी श्रेष्ठता को निरन्तर बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसके लिए अर्हनिश चिन्तन के साथ श्रम साधक बनना होगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक रवि प्रकाश ने कहा कि पुरस्कार व्यक्ति को और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं तथा जीवन की कमियों को दूर करने का मार्गदर्शन आचार्यों से प्राप्त होता है। जिला प्रशिक्षण अधिकारी इंजीनियर शिवकुमार ने कहा कि पुरस्कार से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है और गुरुजनों की प्रेरणा से व्यक्ति जीवन में अपार सफलताएं अर्जित करता है। विद्यालय के सेवा निवृत्त कार्यालय अधीक्षक प्रवेश कुमार श्रीवास्तव जी को कोरोना काल का अवशेष वेतन ₹ 164233/- (एक लाख चौसठ हजार दो सौ तैंतीस) का भुगतान किया गया उन्होंने पूरी धनराशि विद्यालय को दान करके समर्पण का नवीन प्रतिमान स्थापित किया। विद्यालय परिवार के सभी पधाधिकारियों एवं स्वयं प्रदेश निरीक्षक जी ने इस दानवीरता की सराहना की।
कार्यक्रम में बार एशोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव नयन तिवारी, हरिनाम सिंह, परितोष जी, डॉ. अंजू चंद्रा, विजय जैन, गिरधर गोपाल गुप्त, राजेश जायसवाल, सुरेन्द्र वर्मा, प्रबन्धक लाल बहादुर वर्मा, सह प्रबन्धक राजेश जायसवाल, राजाराम वर्मा, सचिन जैन एवं शिवकुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबन्ध कार्यकारिणी के सम्मानित कोषाध्यक्ष श्री विजय जैन ने भैया बहनों को आश्वस्त करते हुए अगले सत्र के लिए अन्य विशिष्ट घोषणाएं करते हुए और अधिक उत्कृष्ट कार्यक्रम करने का आश्वासन दिया।
अतिथियों का स्वागत एवं परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने कराया। कार्यक्रम का सफल सञ्चालन वीरेन्द्र कुमार शर्मा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्रबन्धक लाल बहादुर वर्मा ने किया।
