



(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी, 16 मई। धौरहरा क्षेत्र के गांव सरसवा में शनिवार को विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता की तस्वीर एक साथ नजर आई। नवनिर्मित मॉडल हाट बाजार में जहां ग्रामीणों के चेहरे उम्मीद से दमक उठे, वहीं हरदी गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की खिलखिलाहट और मातृ वंदना के भावुक दृश्य ने माहौल को आत्मीय बना दिया।
शनिवार को डीएम अंजनी कुमार सिंह, सीडीओ अभिषेक कुमार और विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने ग्राम सरसवा पहुंचकर मॉडल हाट बाजार का निरीक्षण किया। यहां ग्रामीण उत्पादों को बाजार से जोड़ने की पहल को देखकर अधिकारियों ने संतोष जताया।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों और अफसरों ने संयुक्त रूप से रोहित कुमार, रानी देवी, गायत्री, संतोष और कपिल को हाट बाजार में दुकान आवंटन के स्वीकृति पत्र सौंपे। स्वीकृति पत्र मिलते ही लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक उठी।
डीएम ने ग्रामीणों और अपने उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों से सीधा संवाद किया। उन्होंने पूछा कि हाट बाजार बनने के बाद आमदनी में कितना फर्क आया। ग्रामीणों ने खुलकर बताया कि अब उन्हें गांव में ही बेहतर बाजार और खरीदार मिल रहे हैं, जिससे कमाई बढ़ी है और सुविधाएं भी आसान हुई हैं। कई महिलाओं ने सरकार की इस पहल को “रोजगार का नया दरवाजा” बताया।
डीएम और विधायक ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से उनके उत्पाद, बचत समूह और स्वरोजगार गतिविधियों की जानकारी ली। विधायक ने महिलाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की पुष्टि भी की। इस दौरान बीडीओ संदीप कुमार, ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के प्रयासों की खुलकर सराहना की गई। हाट बाजार के सेल्फी पॉइंट पर डीएम, सीडीओ और विधायक ने लाभार्थियों संग तस्वीरें भी खिंचवाईं, जो ग्रामीणों के लिए यादगार पल बन गया।
इसके बाद ग्राम हरदी पहुंचकर विधायक धौरहरा विनोद शंकर अवस्थी, डीएम अंजनी कुमार सिंह, सीडीओ अभिषेक कुमार ने नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र का फीता काटकर लोकार्पण किया। अधिकारियों ने बच्चों को दुलारा, उनसे बातें कीं और चॉकलेट व स्टेशनरी किट बांटी। बाल वाटिका में बच्चों की मुस्कान ने कार्यक्रम को और जीवंत बना दिया।
पोषण वाटिका में फलदार और औषधीय पौधों का रोपण कर “स्वस्थ गांव” का संदेश दिया गया। वहीं पांच गर्भवती महिलाओं की गोद भराई रस्म और छह माह के पांच शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया। बच्चों को खीर खिलाने के दौरान पूरा परिसर तालियों और मुस्कान से गूंज उठा।
