(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी) दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी के किशनपुर वन्य जीव विहार की किशनपुर रेंज के पर्यटन क्षेत्र में प्रवासरत घायल बाधिन उम्र लगभग 11-13 वर्ष के घायल होने संबंधी सूचना पर्यटन क्षेत्र में भ्रमण कर रहे फोटोग्राफरों द्वारा व्हाट्स ऐप एवं सोशल मीडिया के माध्यम से रात्रि लगभग 7:30 बजे प्राप्त हुयी थी। सूचना प्राप्त होते उप निदेशक द्वारा तत्काल वन्य जीव प्रतिपालक किशनपुर वन्य जीव विहार की अध्यक्षता में एक टीम का गठन करते हुये बाघिन की मानीटरिंग का कार्य प्रारम्भ कराया गया।दिनांक 05.05.2025 को विश्व प्रकृति निधि के सदस्यगण, बायोलाजिस्ट, चिकित्सकीय टीम, क्षेत्रीय वन अधिकारी किशनपुर एवं उनके स्टाफ द्वारा संभावित क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप ड्रोन आदि की सहायता से बाघिन को मानीटरिंग करने का प्रयास किया गया। क्षेत्रीय वन अधिकारी किशनपुर रेंज एवं स्टाफ द्वारा सघन स्थलीय मानीटरिंग की गई, परन्तु बाधिन का पता नहीं लग सका। उक्त बाघिन को सिरिन्ज प्रोजेक्टर गन के माध्यम से उपचार करने हेतु प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव, उ०प्र०, लखनऊ से अनुमति प्रदान करने हेतु अनुरोध किया गया। तत्क्रम में प्राप्त अनुमति के क्रम में कार्यवाही पुनः प्रारंभ की गई।दिनांक 06.05.2025 को रेंज स्टाफ एवं चिकित्सकीय टीम, बायोलाजिस्ट, विश्व प्रकृति निधि की तकनीकि टीम के साथ मिलकर बाघिन की मानीटरिंग कार्य किया गया, परन्तु घायल बाघिन का पता नहीं चल सका। इसी मध्य क्षेत्रीय रिजार्ट / होटल स्वामी एवं वन्य जीव प्रमियों द्वारा बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर उपचार किए जाने हेतु उच्च स्तर से अनुरोध किया गया। तत्कम में अधोहस्ताक्षरी कार्यालय स्तर से प्रेषित प्रस्ताव पर विचार करते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्य जीव, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा बाघिन को ट्रेकुलाइज कर उपचार किए जाने हेतु अनुमति प्रदान कर दी गई।दिनांक 07.05.2025 से निरंतर दिनांक 13.05.2025 तक घायल बाघिन की सघन मानीटरिंग कार्य किया गया, परंतु बाधिन की स्थिति का कोई पता नहीं लग सका। दिनांक 14.05.2025 को समय 13. 36 पर घायल बाधिन कैमरा ट्रैप में कैद हुई। कैमरा ट्रैप में कैद बाधिन का दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी में कार्यरत बायोलाजिस्ट अपूर्व गुप्ता एवं रोहित रवि सीनियर प्रोजेक्ट आफिसर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया द्वारा बाघिन की धारियों को ध्यान में रखते हुए गहन विश्वलेषण किया गया। विश्लेषण में घायल बाघिन की पहचान व्याघ्र जनगणना 2022 के डाटा के अनुसार KISH_8 के रुप में हुई। बाधिन KISH_8 का वर्ष 2022 की व्याघ्न जनगणना में लिया गया छायांकन एवं दिनांक 14.05.2025 को कैमरा ट्रैप में कैद छायांकन निम्नप्रकार है-उक्त घायल बाघिन KISH_8 का आज दिनांक 16.05.2025 को पूर्वाहन 08.00 बजे मानीटरिंग के दौरान प्रत्यक्ष दर्शन हुआ। प्रत्यक्ष दर्शन के दौरान बाधिन स्वस्थ्य स्थिति में मिली। आज उपनिदेशक ने भी प्रत्यक्ष दर्शन के दौरान घायल बाघिन का छायाचित्र लिया गया। बाधिन स्वस्थ स्थिति में मिलने के बावजूद उपनिदेशक द्वारा क्षेत्रीय टीम को बाघिन की मानीटरिंग हेतु लगाया गया है। उपनिदेशक द्वारा प्रत्यक्ष दर्शन के दौरान लिये गये छायांकन निम्नप्रकार है।

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