(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलियाकलां- खीरी लखीमपुर खीरी 21 अगस्त। मैं बेटी हूं। मुझे संसार में आने दो। मैं ही तो वह हूं, जिससे वंश की अवधारणा पूरी होती है और नया जीवन आकार लेता है। मैं हर परिवार के सुख का आधार हूं । मेरे बिना मानव जीवन की कल्पना अधूरी है। बेटी के इसी महत्व को बताने व समाज में बेटियों को लेकर पनपे भेदभाव मिटाने के लिए सोमवार को जिला महिला चिकित्सालय में बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ का संदेश देने के साथ ही माताओं को कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सजग प्रहरी की शपथ भी दिलाई गई।

महिला कल्याण विभाग लखीमपुर खीरी द्वारा जिला महिला चिकित्सालय में सोमवार को जन्मी कन्याओं का जन्मोत्सव मनाकर माताओं को कन्या भ्रूण हत्या, बेटा-बेटी में भेदभाव मिटाने को सजग प्रहरी की भूमिका निभाने का आवाह्न किया गया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ ज्योति मल्होत्रा ने नवजन्मी बालिकाओं के अभिभावको को बेबी किट मिष्ठान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कैलेंडर, बधाई पत्र आदि प्रदान किए।

सीएमएस डॉ ज्योति मल्होत्रा ने कहा कि आज समाज में ऐसे कई उदाहरण हैं कि बेटियों ने हर क्षेत्र में अपना परचम लहराया है। प्रदेश सरकार बेटियों के जन्म पर उत्सव मना रही है। इसका मकसद है कि बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं है। महिला कल्याण अधिकारी आर्य मित्रा विष्ट ने कहा ने कहा कि जिले में बेटी के जन्म को लेकर कुछ परिवारों में आज भी उदासी है। बेटियों को कभी भी बेटों से कमतर नहीं समझना चाहिए। जिला समन्वयक श्रीमती निक्की गुप्ता ने कहा ने कहा कि कि सरकार ने लिंग अनुपात के अंतर को मिटाने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। इस मौके पर हॉस्पिटल मैनेजर शिप्रा वर्मा सहित जिला महिलाचिकित्सालय के चिकित्सा एवं कार्मिक मौजूद रहे।

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