

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां, खीरी। गुरुकुल एकेडमी, पलिया कलां, खीरी में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास एवं शिक्षण कौशल को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन नीरज सिंह ने शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण तकनीकों, कक्षा प्रबंधन तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं।
नीरज सिंह को प्रशिक्षण एवं विकास के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने IBM, Aon Hewitt और Barclays जैसी प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ कार्य किया है। इसके अतिरिक्त, वे पैन इंडिया स्तर पर विद्यालयों में शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं।कार्यशाला के प्रमुख बिंदु
कार्यशाला के दौरान उन्होंने कक्षा प्रबंधन, समय एवं तनाव प्रबंधन, विद्यार्थियों को प्रेरित करने, सामाजिक अनुशासन, गतिविधि-आधारित शिक्षण, अनुभवात्मक अधिगम तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों की विभिन्न सीखने की क्षमताओं को समझते हुए उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण पद्धतियाँ अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने सीखने के परिणामों पर आधारित पाठ योजना, समावेशी शिक्षण तथा कक्षा में सकारात्मक वातावरण विकसित करने के व्यावहारिक उपाय भी साझा किए।
नीरज सिंह ने बताया कि आधुनिक शिक्षा में शिक्षक की भूमिका केवल विषय का ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन एवं व्यावहारिक कौशल विकसित करना भी अत्यंत आवश्यक है। गतिविधि-आधारित एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धतियाँ इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभाती हैं।
निष्कर्ष
