

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) उत्तर प्रदेश शासन की मंशानुरूप एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक खीरी, डॉ0 ख्याति गर्ग के निर्देशन में अपराधियों/साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे जागरूकता अभियान व ‘मिशन शक्ति अभियान फेज 6.0’ के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) खीरी व क्षेत्राधिकारी पलिया के कुशल पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष सम्पूर्णानगर के नेतृत्व में थाना सम्पूर्णानगर पुलिस टीम द्वारा डिजिटल दुनिया के बढ़ते खतरों से बचाव हेतु एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज दिनांक 15 अक्टूबर 2026 को थाना सम्पूर्णानगर पुलिस टीम द्वारा क्षेत्रान्तर्गत स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, मुरारखेड़ा में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए एक बृहद साइबर सुरक्षा व महिला जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।*कार्यक्रम की मुख्य गतिविधियाँ एवं दिए गए निर्देश:*
_*• साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव:*_
विद्यार्थियों को वर्तमान समय में हो रहे विभिन्न प्रकार के डिजिटल फ्रॉड जैसे—ओटीपी शेयरिंग फ्रॉड, फेक कॉल, फर्जी लॉटरी/इनाम के झांसे, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, यूपीआई संबंधित ठगी, ऑनलाइन गेमिंग के खतरे तथा अनजान लिंक्स पर क्लिक न करने के संबंध में विस्तार से जागरूक किया गया।
_*• सोशल मीडिया का सुरक्षित प्रयोग व निजता:*_छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप आदि) का उपयोग करते समय अपनी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो व पासवर्ड को सुरक्षित रखने और स्ट्रॉन्ग पासवर्ड का प्रयोग करने के तरीके समझाए गए।
_*• महत्वपूर्ण आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर:*_
आपत्कालीन स्थितियों व साइबर अपराध की घटना होने पर तत्काल सहायता प्राप्त करने हेतु पुलिस टीम द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई:
o 1930 – साइबर क्राइम राष्ट्रीय हेल्पलाइन (साइबर ठगी होने पर तुरंत कॉल करें)
o 1090 – वूमेन पावर लाइन (महिला सुरक्षा एवं सहायता)
o 112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
o 181 – महिला हेल्पलाइन
o 1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
_*• महिला सशक्तीकरण व सुरक्षा कानून:*_
‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत छात्राओं एवं शिक्षिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और शासन द्वारा महिलाओं व बालिकाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें जागरूक व आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों एवं युवाओं को डिजिटल दुनिया में सतर्क और सुरक्षित बनाना है, ताकि वे किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होने से बच सकें तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक कर सकें।
