

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी, 13 अक्टूबर। उप्र विधान परिषद के लखनऊ खंड स्नातक एवं खंड शिक्षक निर्वाचन-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए मंगलवार को अटल सभागार में माइक्रो प्रेक्षकों की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। माइक्रो प्रेक्षक मतदान केंद्रों पर सतर्कता से निगरानी रखें और भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।
डीएम ने कहा कि माइक्रो प्रेक्षक निर्वाचन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्हें मतदान केंद्र पर होने वाली गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन करना होगा। उन्होंने सभी माइक्रो प्रेक्षकों से जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा।
*मतदान की गोपनीयता पर विशेष नजर*
सीडीओ योगानंद पाण्डेय ने प्रशिक्षण के दौरान माइक्रो प्रेक्षकों को उनके दायित्वों और कर्तव्यों की जानकारी दी गई। उन्हें मतदान अभिकर्ताओं की उपस्थिति, प्रवेश पास व्यवस्था, मतदाताओं की पहचान, मतदान की गोपनीयता और वीडियोग्राफी संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुपालन पर नजर रखने के लिए कहा गया। अनुपस्थित, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची से संबंधित अभिलेखों का अवलोकन करने की जानकारी भी दी गई। दिव्यांग, निरक्षर एवं अशक्त मतदाताओं को दी जाने वाली सहायता और सहायकों की ओर से की जाने वाली घोषणाओं के नियमानुसार अनुपालन पर भी जोर दिया गया। मतदान अभिकर्ताओं के आचरण और उनकी शिकायतों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
पीडी (डीआरडीए) सतीश कुमार पाण्डेय ने कार्यशाला में स्पष्ट किया कि माइक्रो प्रेक्षक साधारण प्रेक्षक के नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे। उनका मुख्य दायित्व मतदान प्रक्रिया का अवलोकन करना और निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट तैयार करना है। प्रशिक्षण में आयोग के दिशा-निर्देशों, निर्धारित प्रपत्रों और रिपोर्टिंग प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
