पलिया कलां (खीरी) खीरी की तहसील मोहम्मदी में शुक्रवार को सवर्ण समाज के लोगों ने यूजीसी के नए नियमों का विरोध किया। उन्होंने रामलीला मैदान में एक सभा की, जिसके बाद एसडीएम कार्यालय तक पदयात्रा निकाली। समाज के लोगों ने राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी मोहम्मदी को सौंपा।सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि यह विरोध किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं है। यह संविधान के दायरे में समाज के करोड़ों युवाओं, बेरोजगारों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की भावनाओं को लेकर किया जा रहा है।पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों ने “तिलक, तराजू और तलवार, नहीं सहेंगे अत्याचार” और “एससी-एसटी एक्ट वापस लो” जैसे नारे लगाए।
इस अवसर पर मोहम्मदी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश चंद्र त्रिवेदी, विनोद तिवारी, अतुल त्रिवेदी, बृजेश पांडे, राज द्विवेदी, विपिन सिंह और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा सहित दर्जनों कार्यकर्ता और समाज के लोग मौजूद थे।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि यह विरोध किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं है। यह संविधान के दायरे में समाज के करोड़ों युवाओं, बेरोजगारों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की भावनाओं को लेकर किया जा रहा है। ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने और आर्थिक रूप से कमजोर व जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की गई। चार सूत्रीय ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन और मांगें शामिल थीं। इनमें यूजीसी के नए नियमों को तुरंत वापस लेना, एससी-एसटी एक्ट की समीक्षा कर उसमें न्यायसंगत सुधार करना और सवर्ण समाज के हितों की रक्षा व अध्ययन के लिए एक आयोग बनाना शामिल है।इस मौके पर मोहम्मदी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश चंद्र त्रिवेदी, विनोद तिवारी, अतुल त्रिवेदी, बृजेश पांडे, राज द्विवेदी, विपिन सिंह और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे।