


(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) दुधवा, 26 अगस्त 2026दुधवा पर्यटन सभागार में दिनांक 21 अगस्त 2026 से 26 अगस्त 2026 तक आयोजित छह दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज जगदीश आर., उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी की उपस्थिति में सफलतापूर्वक समापन हुआ।
राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (NIESBUD) के विशेषज्ञ श्री चिमय त्यागी, सुश्री शिवांगी शुक्ला एवं प्रभाकर बहुगुणा द्वारा ईको विकास समितियों (EDC) के सदस्यों को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में सक्षम बनाने के उद्देश्य से छह दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सैंडविच, बिस्किट, कुकीज, कपकेक, बर्थडे केक, कोरियन चीज़बॉल, नूडल्स सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों एवं व्यंजनों की रेसिपी तथा उनके निर्माण की व्यावहारिक विधियों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों एवं प्रतिभागियों के कौशल का उपयोग करते हुए उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना तथा आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना रहा।
समापन अवसर पर उपनिदेशक दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग जगदीश आर. ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम स्थानीय समुदायों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से प्राप्त कौशल का निरंतर अभ्यास करते हुए इसे स्वरोजगार एवं आय के स्थायी साधन के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महावीर सिंह, वन्यजीव प्रतिपालक, दुधवा; क्षेत्रीय वन अधिकारी (पर्यटन); सुरेन्द्र कुमार, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी; धनीराम, मोटीवेटर; दुर्गेश कुमार, वन दरोगा; मुनेश्वर सिंह, वन दरोगा; वीरेन्द्र प्रताप सिंह यादव, वन्यजीव रक्षक; नाजरून निशा, मोटीवेटर सहित ईको विकास समिति बंदर भरारी (दुधवा रेंज), परसिया पचपेड़ा एवं बेलडाड़ी (उत्तर सोनारीपुर रेंज) के सदस्यगण उपस्थित रहे।
छह दिवसीय प्रशिक्षण के सफल समापन के साथ प्रतिभागियों में कौशल, आत्मविश्वास और स्वरोजगार के प्रति नई संभावनाओं का संचार हुआ। इस पहल को दुधवा टाइगर रिजर्व में स्थानीय समुदायों की सहभागिता, आजीविका संवर्धन और संरक्षण के साथ सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
