(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

लखीमपुर खीरी, 10 जुलाई। शासन की मंशानुरूप 12 जुलाई को आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण अभियान (एक पेड़ मां के नाम अभियान) को सफल एवं प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अभियान की व्यवस्थाओं का स्थलीय सत्यापन करने के उद्देश्य से डीएम अंजनी कुमार सिंह ने डीएफओ तापस मिहिर, डीसी मनरेगा अमित परिहार संग शुक्रवार को विभिन्न विभागों द्वारा चयनित पौधरोपण स्थलों (रवही पुल से चौका साइफन तक बायी पटरी और बेड़नापुर गो आश्रय स्थल के निकट साइट) का औचक निरीक्षण किया। तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

डीएम ने विभागवार चिन्हित स्थलों पर गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता, भूमि की तैयारी, पौधों के संरक्षण, अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध ढंग से तैयारियां पूर्ण करें, ताकि अभियान के दिन किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। कहा कि वृहद वृक्षारोपण अभियान शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में शामिल है। इसलिए प्रत्येक विभाग पौधरोपण को पूरी गंभीरता, उत्तरदायित्व के साथ संपादित करे।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण की भी प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। सिंचाई, सुरक्षा, नियमित निगरानी तथा आवश्यकतानुसार ट्री-गार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे लगाए गए पौधों का जीवित रहने का प्रतिशत अधिकतम रहे। डीएम ने विभागों के मध्य बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी बल दिया। निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अपने-अपने लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें और अभियान से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का पूर्व परीक्षण कर लें।

*हर नागरिक लगाए एक पौधा, संरक्षण का भी ले संकल्प : डीएम*
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण व हरित भविष्य के निर्माण में जनसहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। 12 जुलाई को होने वाले इस महाभियान में 25 से अधिक विभाग मिलकर 92,08,800 पौधों का रोपण करेंगे। उन्होंने सभी नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से 12 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसके संरक्षण का संकल्प भी ले। सामूहिक प्रयासों से ही पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य को साकार किया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित, हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है। जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण कराना नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों को संरक्षित कर जनपद में स्थायी हरित आवरण का विस्तार करना है।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *