(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) बाँकेगंज- खीरी के निवासी और लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र मनप्रियम ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परचम फहराते हुए जनपद का मान बढ़ाया है। देश के प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु (आई.आई.एससी.) में एकीकृत शोध के लिए उन्हें चयनित किया गया है। वे वहाँ प्रवेश लेकर मैथमेटिकल साइंस विषय में अपने गुणवत्तापरक अध्ययन और शोध को नए आयाम देंगे।
उल्लेखनीय है कि लखनऊ विश्वविद्यालय के बी.एससी. छठवें सेमेस्टर के छात्र मनप्रियम ने विगत माह आई.आई.टी.जैम (ज्वाइंट एडमिशन टेस्ट फ़ॉर मास्टर्स)
परीक्षा में आल इंडिया 45वीं रैंक हासिल की थी। साथ ही कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (पीजी) में भी चौथी आल इंडिया रैंक हासिल कर इतिहास रचा था। आई.आई.टी. जैम स्कोर के आधार पर मनप्रियम ने देश के सर्वोत्कृष्ट भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु में एकीकृत शोध के मैथमेटिकल साइंस
पाठ्यक्रम हेतु विगत 18 मई को साक्षात्कार दिया था। संस्थान ने साक्षात्कार में उन्हें सफल घोषित करते हुए ऑफर लेटर भेजा है। यद्यपि मनप्रियम एक दिन पूर्व ही आई.आई.टी. कानपुर में मैथमैटिक्स मास्टर्स के लिए अपनी सीट लॉक कर चुके थे, लेकिन आई.आई.एससी. का ऑफर लेटर मिलने के बाद उन्होंने संस्थान में एकीकृत शोध को प्राथमिकता देते हुए प्रवेश की तैयारी शुरू कर दी है।
मनप्रियम का कहना है आईं.आई.एससी. में प्रवेश प्राप्त करना उनका सपना था। राष्ट्रीय स्तर की दोनों ही परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता के बाद उत्कृष्ट उच्च शिक्षा और शोध के लिए देश के शीर्षतम विज्ञान शिक्षा संस्थान में दाखिला मिलने से वे अत्यंत उत्साहित हैं।
उल्लेखनीय है कि 117 वर्ष पूर्व स्थापित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस अकादमिक और रिचर्स कैटेगरी अंतर्गत एन.आई.आर.एफ. रैंकिंग में देश में पहले स्थान पर है। यह संस्थान ग्लोबल रैंकिंग में भी भारत में शीर्ष पर है। एकीकृत शोध के मैथमेटिकल साइंस पाठ्यक्रम में मात्र डेढ़ दर्जन प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही प्रवेश पाते हैं। ज्ञातव्य है कि मनप्रियम ने स्व-अध्ययन से ही यह सफलता प्राप्त की हैं।
मनप्रियम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और माता-पिता को दिया है। लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ रहे मनप्रियम ग्राम स्टेशनपुरवा के निवासी स्व. प्रताप सिंह राठौर के पौत्र हैं। उनकी माता पंखुड़ी सिंह गृहिणी हैं और पिता यदुनाथ सिंह मुरारी किसान और रचनाधर्मी हैं। इस उपलब्धि पर मनप्रियम को समाज के गणमान्यजनों सहित शिक्षकों एवं सहपाठियों ने बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।