
(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी, 29 मई। जिले में स्वरोजगार योजनाओं को गति देने, बैंकिंग कार्यों की समीक्षा तथा हितग्राहियों को समयबद्ध लाभ दिलाने के उद्देश्य से शुक्रवार को डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में जिला स्तरीय सलाहकार समिति एवं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बैंकों की प्रगति, लंबित प्रकरणों एवं शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का संचालन अग्रणी जिला प्रबंधक अशोक कुमार गुप्ता ने किया।
बैठक में डीएम ने कहा कि बैंकर्स पूर्ण मनोयोग एवं संवेदनशीलता के साथ अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन करें तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने हेतु पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने विभागों द्वारा बैंकों को प्रेषित प्रकरणों की बैंकवार समीक्षा करते हुए प्रगति की जानकारी ली।
बैठक के दौरान बैंकवार लंबित ऋण पत्रावलियों की समीक्षा में कई बैंकों की धीमी कार्यप्रणाली पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाकर लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जा सके।
डीएम ने विभागवार प्रेषित प्रकरणों की वस्तुस्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों की विभागवार समीक्षा कर समयबद्ध लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त उद्योग ने स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत विभिन्न बैंकों को प्रेषित ऋण पत्रावलियों में स्वीकृति एवं अंतरण में हो रहे अनावश्यक विलंब की जानकारी दी। इस पर डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की महत्वाकांक्षी स्वरोजगार योजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि जिन बैंकों का ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) 60 प्रतिशत से कम है, उनके स्टेट हेड को पत्र प्रेषित किया जाए। साथ ही जिन बैंकों की प्राथमिक क्षेत्र (Priority Sector) में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति संतोषजनक नहीं है, उनके संबंधित आरएम/जेडएम को भी पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत भेजी गई ऋण पत्रावलियों को शीघ्र एवं आक्रामक रूप से स्वीकृत किया जाए, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आए तथा जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके।
बैठक में मुख्य रूप से भारतीय रिज़र्व बैंक से अग्रणी जिला अधिकारी श्रीमती श्रुति गोयल, नाबार्ड के डीडीएम प्रसून सोनार, उपायुक्त उद्योग सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे।
