(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी)लखीमपुर खीरी, 23 अप्रैल। उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के पदों पर एनरोलमेंट परीक्षा 2025 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में उतरा है। परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह और एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने एएसपी पूर्वी पवन गौतम के साथ गुरुवार को संयुक्त रूप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की और अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए।

डीएम-एसपी ने क्रमशः राजकीय इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज एवं अबुल कलाम आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज पहुंचकर परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था, कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग प्रणाली और परीक्षा कक्षों की तैयारियों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने सीटिंग प्लान, अभ्यर्थियों के प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था, कक्ष निरीक्षकों की तैनाती तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान डीएम अंजनी कुमार सिंह ने केंद्र व्यवस्थापकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा की सुचिता सर्वोपरि है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, छाया एवं बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

वहीं एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न जुटने देने तथा संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए।

डीएम-एसपी ने संयुक्त रूप से यह भी निर्देशित किया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी केंद्रों की सतत निगरानी की जाए। इसके अलावा उन्होंने परीक्षा ड्यूटी में लगे सभी कार्मिकों को पूर्ण ईमानदारी, पारदर्शिता, जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं को संतोषजनक पाया, वहीं जहां भी सुधार की आवश्यकता महसूस हुई, वहां तत्काल आवश्यक निर्देश देकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।

*‘कक्षा में उतरे डीएम, चाक से पढ़ाया विज्ञान’*
परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के दौरान डीएम अंजनी कुमार सिंह का एक अलग ही, प्रेरक और जीवंत रूप सामने आया। व्यवस्थाओं की समीक्षा के बीच वे अचानक एक कक्षा में पहुंचे और शिक्षक की भूमिका में सहजता से उतर गए। हाथ में चाक थामकर उन्होंने छात्रों से सीधे संवाद शुरू किया और विज्ञान विषय पर उनकी समझ को परखते हुए कक्षा की कमान अपने हाथों में ले ली।

डीएम ने सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान की अवधारणाएं समझाईं। बीच-बीच में सवाल पूछकर उन्होंने छात्रों की भागीदारी भी सुनिश्चित की, जिससे कक्षा का वातावरण पूरी तरह संवादात्मक और ऊर्जा से भर गया। छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक उत्तर दिए और सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल हुए।

इस दौरान डीएम ने शिक्षकों को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि शिक्षा को केवल पुस्तकीय दायरे तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रायोगिक और जीवन से जोड़कर पढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाए। जब सीखने की प्रक्रिया अनुभव आधारित होगी, तभी बच्चों की समझ और आत्मविश्वास दोनों मजबूत होंगे।

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