(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलियाकलां- खीरी खंभारखेडा (लखीमपुर)बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड चीनी खम्भारखेड़ा द्वारा शारदानगर ब्लॉक के ग्राम चकई में बसंत कालीन गन्ना बुवाई की तकनीकी जानकारी देने के उद्देश्य एक बृहद कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी में चीनी मिल अधिकारियों, गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक गण के साथ-साथ एफ.एम.सी कंपनी एवं टी-स्टेंस कंपनी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बसंत कालीन गन्ना बुवाई के क्रम में डॉ राजीव कुमार गंगवार सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति लखीमपुर द्वारा कृषकों को समितियों के कृषकहित में चलाए जा रहे नवीन क्रियाकलाप के बारे में विस्तार से बताया , साथ ही समिति में स्थापित फार्म मशीनरी बैंक का लाभ कृषको को उठाने हेतु प्रेरित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर एoडीoमिश्रा द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा कृषक हित में चलाये जा रहे कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। खेती के साथ-साथ बागवानी एवं सब्जियों की खेती के बारे में में बताया । उन्होंने कहा कि गन्ने की बुआई एक लाइन से दूसरी लाइन के बीच कमसे कम चार फिट की दूरी होनी चाहिए, जिसके बीच में सहफसली खेती की जा सके तथा दोहरा लाभ मिल सके। डॉ० अरविंद वर्मा द्वारा खेती के साथ-साथ पशुपालन को भी सम्मिलित कर अतिरिक्त लाभ अर्जित करने की जानकारी दी गई साथ ही पशुपालन में आने वाले कठिनाई एवं प्रमुख पशु रोगों के नियंत्रण हेतु प्रभावी उपाय बताए गए, खम्भारखेड़ा गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सुरेश कुमार चौधरी द्वारा गन्ना कृषकों के हित में चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के संबंध में विस्तार से बताया गया। चीनी मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक (गन्ना) द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान, चीनी मिल द्वारा बसंत कालीन गन्ना बुवाई हेतु कृषकों को दी जाने वाली सुविधाएं, पेड़ी प्रबंधन, बीज एवं भूमि उपचार को अपनाते हुए केवल स्वीकृत एवं उन्नतशील गन्ना प्रजातियों जैसे को० 0118, को०15023, को०लख०14201, को० 980 14 को०शा०17231, को०लख०94184 की बुवाई ट्रेंच विधि से बुआई की बात कही। कृषकों से उन्होंने यह भी अपील किया कि किसी भी दशा में अस्वीकृत, बेनामी प्रजातियों की बुवाई कदापि न करें अन्यथा गन्ना आपूर्ति में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।एफ०एम०सी० एवं टी-स्टेंस के प्रतिनिधियों ने अपने उत्पाद के प्रयोग से अच्छा परिणाम गन्ना फसल में लेने की तकनीकी जानकारी दी। गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ० देशराज वर्मा ने की उन्होंने अपने संबोधन में सभी का आभार व्यक्त किया तथा चीनी मिल प्रबंधन एवं सचिव तथा ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक से गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी लाने तथा कृषकों को नियमानुसार चीनी देने की बात कही, गोष्ठी में लगभग 250 कृषकों ने भाग लिया। गोष्ठी में चीनी मिल के यूनिट हेड अवधेश गुप्ता, प्रगतिशील कृषक शेखर वर्मा राजकुमार, रामप्रताप, धर्मेंद्र वर्मा, निर्मल वर्मा, सुरेश मिश्रा सुरेश वर्मा, उत्तम वर्मा आदि उपस्थित रहे।

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