(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी) आज ग्लोबल टाइगर के अवसर पर दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी के दुधवा पर्यटर परिसर में आयोजित किए गए विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम। विगत वर्षों की भॉति इस वर्ष भी इस अवसर पर दुधवा क्षेत्र के आस-पास के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम में प्रतिभाग किए जाने हेतु आमंत्रित किया गया। दुधवा के इस आमंत्रण के क्रम में कार्यक्रम में बल्देव वैदिक, इण्टर कालेज, पलिया कलॉ, दून इण्टरनेशनल स्कूल पलिया, दि इण्डियन एकेडमी स्कूल पलिया, छाजू राम केन ग्रोवर विद्यालय भीरा, सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कालेज, पलिया कलॉ, गौतम बुद्ध इण्टर कालेज, पलिया कलॉ, जिला पंचायत बालिका इण्टर कालेज, पलिया के छात्र-छात्राओं द्वारा अपने विद्यालय के अध्यापकों की उपस्थिति में प्रतिभाग किया गया।
सर्वप्रथम ‘‘बाघ संरक्षण एवं पालीथीन मुक्त पर्यावरण‘‘ विषयक आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस प्रतियोगिता में दून इण्टरनेशनल सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, पलिया कला के छात्र आशीष मौर्य कक्षा-10 को तृतीय, गौतम बुद्ध इण्टर कालेज, पलिया कलॉ की छात्रा आस्था दिवाकर, कक्षा-12 को द्वितीय, सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कालेज, पलिया कला के छात्रा ओमी शाह कक्षा-11 को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन भी प्रस्तावित था, जिसके लिए ट्रैक तैयार कर लिया गया था, परंतु निर्णायक मण्डल के अधिकारीगण एवं विद्यालयों के अध्यापकगण द्वारा ट्रैक का निरीक्षण करने के उपरांत ट्रैक को छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत खेल का आयोजन संपन्न कराए जाने हेतु उचित नहीं पाया गया, जिसके चलते आउटडूर खेलों को रद्द करते हुए उनके स्थान पर दो अन्य इनडूर प्रतियोगिताएं मूर्ति निर्माण एवं शतरंज का आयोजन किया गया।
दूसरी प्रतियोगिता के बाघ संरक्षण आधारित मूर्ति निर्माण प्रतियोगिता में तीन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया, जिसमें छाजू राम केन ग्रोवर विद्यालय भीरा के छात्र सौर्य देवल कक्षा-11 को तृतीय, दि इण्डियन एकेडमी स्कूल पलिया कलॉ के छात्र रोशन प्रिंस कक्षा-10 को द्वितीय एवं छात्रा नंदिता कक्षा-11 को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
तीसरी प्रतियोगिता के रुप में शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, इसमें छः विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस प्रतियोगिता में दि इण्डियन एकेडमी स्कूल, पलिया के छात्र अर्नव द्वारा तृतीय स्थान, सरस्वती विद्या मंदिर, स्कूल, पलिया के प्रफुल्ल शाक्य द्वितीय तथा इसी विद्यालय के छात्र लकी गिरी द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त किया गया।
चौथी प्रतियोगिता वन एवं वन्य जीवों की जानकारी से संबंधित अत्यंत रोमांचकारी रही। इस प्रतियोगिता के रुप में ओपन क्विज का आयोजन किया गया, जिसमें सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। सभी छात्र-छात्राओं द्वारा पूंछे गए प्रश्नों का तत्परता से प्रतिउत्तर दिया गया।
अंत में अत्यंत रोमांचकारी ‘‘मूल निवासियों और स्थानीय समुदायों को केंद्र में रखकर बाघिन के भविष्य को सुरक्षित करना‘‘ संबंधी थीम को ध्यान में रखते हुए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस आयोजन में पॉच विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। इसमें दि इण्डियन एकेडमी स्कूल, पलिया कलॉ के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए नुक्कड़ नाटक में तृतीय स्थान प्राप्त किया गया। प्रस्तुतकर्ता छात्रछात्राओं में आन्या लोधी, नंदिनी, नंदिका, सुखमनी, हार्गुन, वंदना, निशिता, सोनम, श्रद्धा, एंजल, शगुन, चंदन, वर्नित, कौटिल्य, नवनीत कौर, गुरसिमर कौर सम्मिलित रहीं। इस प्रतियोगिता में दून इण्टरनेशनल सीनियर सेकेण्डरी स्कूल पलिया के छात्र-छात्राओं द्वारा द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया। इसमें अयांश जोशी, हार्दिक गुप्ता, पावनी सागर, यक्षी जायसवाल, गौरी मिश्रा, लक्षिका सिंह, संस्कृति विष्ट, लकी जायसवाल, अमाया मिश्रा, सार्थक विष्ट, विवान अवस्थी, ओजस शर्मा छात्र-छात्रा सम्मिलित रहे। इस प्रतियोगिता में बल्देव वैदिक इण्टर कालेज, पलिया कलॉ के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त किया गया, जिसमें मोहिनी, आस्था गुप्ता, तनु पाल, तनु राठौर, सरोजनी, रिमझिम, उजला, शालू, सोनी, नितिन, शिवा मौर्या, विवेक, कफील, आलोक, देवांश मिश्रा, अनुज सुबहान छात्र-छात्रा सम्मिलित रहे।
कार्यक्रम में महावीर सिंह, वन्य जीव प्रतिपालक, दुधवा, दीपक कुमार पाण्डेय, उप प्रभागीय वनाधिकारी, बेलरायां, रमेश कुमार, वरिष्ठ सहायक, जगदीश, आर0 उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी एवं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहे डॉ0 एच0 राजामोहन, मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, लखीमपुर खीरी द्वारा इस अवसर पर प्रकाश डाला गया।
जगदीश आर0 उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी द्वारा इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम इस अवसर पर सहभाग कर रहे समस्त विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, अध्यापकगण, समस्त अधिकारीगण, स्टाफ, एनजीओ, विश्व प्रकृति निधि के अधिकारी/कर्मचारीगण, दुधवा टाइगर कंजर्वेशन फाउण्डेशन के कार्मिकगण, मीडियाबंधु का आभार प्रकट करते हुए बाघों के संरक्षण हेतु किए गए अभिनव प्रयासों के चलते हुई वृद्धि, बर्हिगमन होने के कारण, मानव वन्य जीव संघर्ष जैसी स्थितियॉ उत्पन्न होने की स्थिति में सर्वप्रथम सुनिश्चित किए जाने वाले उपायों आदि के विषय में अपनी बात रखी। दुधवा में बाघों का संरक्षण 1861 में प्रारंभ हुआ, उस समय से आज बाघों की दृष्टि से दुधवा काफी अच्छी स्थिति में है। इस संरक्षण में स्थानीय समुदायों का भी अच्छा सहयोग प्राप्त हुआ। इस वर्ष की ग्लोबल टाइगर डे की थीम ‘‘मूल निवासियों और स्थानीय समुदायों को केंद्र में रखकर बाघिन के भविष्य को सुरक्षित करना‘‘ के दृश्टिगत इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य यह भी है कि जिस तरह से स्थानीय समुदायों का अब तक संरक्षण में योगदान/सहयोग प्राप्त होता रहा है, उसी तरह से आगे भी प्राप्त होता रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहे डॉ0 एच0 राजामोहन, मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, लखीमपुर-खीरी द्वारा ‘‘ग्लोबल टाइगर डे‘‘ के विषय में जानकारी साझा करते हुए, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी में बाघों की वृद्धि का श्रेय, अधिकारी/कर्मचारियों के संरक्षणात्मक किए गए कार्यों एवं स्थानीय समुदाय के लोगों द्वारा इसमें किए गए सहयोग को प्रदान किया गया। साथ ही इस क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ठ कार्यों के चलते पूर्व में दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी को सम्मानित किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही इस अवसर पर बाघों की कुल प्रजातियों, उनमें संकटग्रस्त एवं विलुप्तप्राय प्रजातियों का भी उल्लेख किया गया। साथ ही इस अवसर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में विजेता छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही उन सभी छात्र-छात्राओं को भविष्य में और अच्छा करने के लिए प्रेरित किया गया।
अंत में इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता समस्त छात्र-छात्राओं को डॉ0 एच0 राजामोहन, मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, लखीमपुर-खीरी एवं जगदीश आर0, उप निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
उक्त सभी कार्यक्रमों का पर्यवेक्षण, महावीर सिंह, वन्य जीव प्रतिपालक, दुधवा, दीपक कुमार पाण्डेय, उप प्रभागीय वनाधिकारी, बेलरायां, रोहित रवि, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, विश्व प्रकृति निधि द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन रमेश कुमार, वरिष्ठ सहायक एवं विपिन कपूर सैनी, आउटरीच प्रोग्राम इंचार्ज द्वारा किया गया। कार्यक्रम में उपस्थितजन का आभार दीपक कुमार पाण्डेय, उप प्रभागीय वनाधिकारी, बेलरायां द्वारा व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में प्रशांत सोनी, क्षेत्रीय वन अधिकारी, उत्तर सोनारीपुर, अभिषेक सिगतिया, क्षेत्रीय वन अधिकारी, सठियाना, रितेश पटेल, क्षेत्रीय वन अधिकारी, दुधवा क्षेत्रीय वन अधिकारी, पर्यटन, डॉ0 मोहम्मद तलहा, पशु चिकित्सक, संदीप फार्मासिस्ट, सुशांत सिंह, वरिष्ठ सहायक व अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।
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