(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) इस प्रकरण में तत्कालीन हेड मोहर्रिर सुधीर कुमार की तहरीर पर थाना कोतवाली सदर पर मु.अ.सं. 450/25 धारा 409 भादवि बनाम तत्कालीन हेड मोहर्रिर (अज्ञात) पंजीकृत किया गया था। जिसकी विवेचना उप-निरीक्षक श्री अरविन्द कुमार तिवारी द्वारा संपादित की गई।
जांच से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि यह मामला थाना कोतवाली सदर पर पूर्व में पंजीकृत मु.अ.सं. 5143/2007 से संबंधित है, जिस से सम्बन्धित मृतका के शव से प्राप्त कपड़ों व गहनों की एक ‘पीएम पोटली’ मालखाने में जमा कराई गई थी। उक्त पीएम पोटली का प्रभार तत्कालीन हेड मोहर्रिर चंद्रिका प्रसाद के पास था। दुर्भाग्यवश, हेड मोहर्रिर चंद्रिका प्रसाद की वर्ष 2009 में मृत्यु हो गई तथा उनके बाद नियुक्त रहे हेड मोहर्रिर रामबक्श पाल का भी निधन हो चुका है। अभिलेखों के अनुसार, इनके पश्चात नियुक्त हुए हेड मोहर्रिर श्री संजय सिंह को इस पीएम पोटली को चार्ज नही प्राप्त है।
जांच से यह पूर्णतः प्रमाणित हो चुका है कि उक्त पीएम पोटली स्वर्गीय चंद्रिका प्रसाद व स्वर्गीय रामबक्श पाल की नियुक्ति अवधि के दौरान ही सदर मालखाने से गायब हुई थी। चूंकि इस प्रकरण में उत्तरदायी दोनों कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है, अतः विधिक रूप से मृत व्यक्तियों के विरुद्ध कोई भी अभियोग चलाया जाना संभव नहीं है। वैधानिक प्रक्रियाओं का पूर्णतः अनुपालन करते हुए इस अभियोग की विवेचना जरिए अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित कर समाप्त की जा चुकी है।
