


(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी)लखीमपुर खीरी, 16 जून। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी, नई दिल्ली की ओर से आगामी 21 जून को आयोजित नेशनल इलिजिबिलिटि इंट्रेंस टेस्ट (नीट) को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में सात केंद्रों पर परीक्षा होगी। इसमें 3366 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा अपराह्न दो बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी।
परीक्षा की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में डीएम अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में सेक्टर मजिस्ट्रेटों और केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा संचालन से जुड़े सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों को एनटीए की गाइडलाइन का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक का संचालन जिला समन्वयक (डीएलसीसी), प्रधानाचार्य केंद्रीय विद्यालय आशीष कुमार दीक्षित ने किया।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों को समय से ड्यूटी स्थल पर पहुंचने, परीक्षा केंद्रों का पूर्व निरीक्षण करने तथा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की सुचारु व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विद्युत आपूर्ति, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही अभ्यर्थियों की सुरक्षा और परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए केंद्रों के प्रवेश द्वार पर सघन जांच कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट घड़ी, कैलकुलेटर एवं अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण किसी भी दशा में परीक्षा केंद्र के भीतर न जाने पाए।
उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण कर लें और किसी भी समस्या की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को दें। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर सतत निगरानी रखी जाएगी तथा प्रत्येक गतिविधि पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि सभी अधिकारी निर्धारित मानकों के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। डीआईओएस विनोद कुमार मिश्र ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों, केंद्र व्यवस्थापकों को उनकी जिम्मेदारियों और परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी। निर्देश दिए कि फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी एवं बॉटनी विषयों से संबंधित किसी भी शिक्षक की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में नहीं लगाई जाएगी। उन्होंने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनी रहे।
