(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलियाकलां-खीरी लखीमपुर 09 नवंबर। जिला आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण प्रशिक्षण के तत्वावधान में गुरुवार को भी डीएस इंटर कॉलेज में कार्यशाला हुई, जिसमें लेखपाल, राजस्व निरीक्षको, बेसिक, माध्यमिक स्तर के विद्यालयों की प्रतिनिधियों को आपदा प्रबन्धन के गुरु सिखाए गए।
प्रशिक्षण कार्यशाला का डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने एक-एक प्रशिक्षण कक्ष में जाकर निरीक्षण किया। प्रशिक्षण की नोडल अधिकारी/एसडीएम रेनू मिश्रा से प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी प्राप्त करते हुए जरूरी दिशा निर्देश दिए। डीएम ने प्रशिक्षुओं से संवाद करते हुए प्रशिक्षण से संबंधित सवाल-जवाब किए।
प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से निपटने, आपदा के दौरान नुकसान को न्यून से न्यूनतम किये जाने के उद्देश्य से जिला आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण खीरी के तत्वावधान में ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, लेखपाल, राजस्व निरीक्षको को चरणबद्ध रूप से आपदा प्रबन्धन की प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा। यह प्रशिक्षण आपदा के दौरान राहत-बचाव कार्य में महत्वपूर्ण साबित होगा।
डीएम ने एक-एक प्रशिक्षण कक्ष में जाकर स्वयं शिक्षक बनकर आपदा से अपना बचाव करने तथा दूसरे लोगो को आपदा से सुरक्षित निकालने के अनेक तरीकों को अच्छे अंदाज में समझाया। उन्होंने आपदा प्रशिक्षण कार्यक्रम को लाभकारी एवं दूरदर्शिता से जुड़ा हुआ बताया। प्रशिक्षण कार्यशाला में आपदा प्रबंधन तथा आपदा से बचाव उपायों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, उसे आत्मसात करें।
डीएम ने चखा प्रशिक्षक-प्रशिक्षुओं को वितरित आहार, परखी गुणवत्ता
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने डीएस कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में वितरित लंच पैकेट को प्रशिक्षक और प्रशिक्षुओं के सामने चखा और भोजन की गुणवत्ता की। नोडल अधिकारी (प्रशिक्षण)/एसडीएम रेनू मिश्रा को निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता को मेंटेन रखा जाए। इसे प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराया जाए। डीएम के इस मनोभाव को देखकर प्रशिक्षक और प्रशिक्षुओं ने तालियां बजाकर डीएम का अभिनंदन, अभिवादन किया।