(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने सवेरे तड़के ही साल की लकड़ी की पकड़ी। कीरतपुर जंगल क्षेत्र में नाकेबंदी कर नेपाल ले जाई जा रही तीन बैलगाड़ियों से बेशकीमती साल की लकड़ी बरामद की गई। इस दौरान एक नेपाली तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके कई साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
एसएसबी की डी-समवाय कीरतपुर और वन विभाग की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जंगल के रास्ते लकड़ी की तस्करी कर नेपाल ले जाई जा रही है। इस सूचना पर संयुक्त टीम
ने सीमा स्तंभ संख्या 757 के पास गुरुवार सुबह करीब 3:30 बजे घेराबंदी की। इसी दौरान जंगल की ओर से बैलगाड़ियों की आवाज सुनाई दी।टीम ने पीछा किया तो देखा कि तीन बैलगाड़ियां नेपाल सीमा की ओर बढ़ रही थीं। सुरक्षाबलों को देखकर तस्कर बैलगाड़ियां छोड़कर भागने लगे। जवानों ने पीछा कर एक आरोपी को मौके से दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान वृद्धा पुत्र भज्ज्वा, निवासी ग्राम कीरतपुर, नेपाल के रूप में बताई।..
मौके पर छोड़ी गई तीनों बैलगाड़ियों की तलाशी लेने पर उनमें साल की लकड़ी के बड़े-बड़े बोटे बरामद हुए। वन विभाग के कर्मचारियों ने लकड़ियों की नाप कराई, जिसमें 9 फीट 5 इंच, 14 फीट और 8 फीट लंबे साल के बोटे शामिल थे। कार्रवाई के दौरान एक जोड़ी भैंसा और एक जोड़ी बैल भी बरामद हुए, जबकि दो बैल जंगल की ओर भाग गए।
एसएसबी ने पकड़े गए तस्कर, बैलगाड़ियों और बरामद लकड़ी को अग्रिम कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंप दिया है। इस संयुक्त कार्रवाई में एसएसबी के उपनिरीक्षक अनिल, सहायक उपनिरीक्षक चंद्रकांता कमान, मुख्य आरक्षी फतेह मोहम्मद, आरक्षी विपुल शर्मा, संजय सिंह, मुकेश कुमार नेगी शामिल थे। वन विभाग की ओर से वन दरोगा हरीश लाल, वन रक्षक दीपक, मुख्य आरक्षी कौशल राज और आरक्षी मंजीत कुमार भी टीम में शामिल रहे।
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