(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी) दुधवा टाइगर रिजर्व की गौरीफण्टा रेंज में आयोजित हुई इण्डो-नेपाल बार्डर मीटिंग ।नेपाल राष्ट्र के उच्चाधिकारियों के साथ दुधवा के अधिकारी/कर्मचारियों एवं डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के साथ आहूत हुई बैठक।आज विगत वर्षों की भाॅति इस वर्ष भी इण्डो-नेपाल बार्डर मीटिंग का आयोजन दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी की गौरीफण्टा रेंज में उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में प्रमुखतः इसी माह 06 और गैण्डों को स्वछंद विचरण किए जाने हेतु अवमुक्त किए जाने के उपरांत आने वाली चुनौतियों का आपसी समन्वय से प्रबंधित किया जाना था। यहां यह भी संज्ञान में लाना है कि दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी में गैण्डों का पुर्नवास सफलतापूवर्क कराया जा चुका है। वर्ष 1984 में 05 गैण्डों के साथ प्रारंभ की गई यह परियोजना आज 50 की संख्या को पार कर चुकी है। इसकी सफलता को ध्यान में रखते हुए ही वर्ष 2018 में इसी प्रभाग की बेलरायां रेंज में द्वितीय गैण्डा पुर्नवास केन्द्र बनाते हुए 04 गैण्डों को उसमें अवमुक्त किया गया था। तदनुसार द्वितीय गैण्डा पुर्नवास केन्द्र में वर्तमान में 06 गैण्डों की संख्या पहुॅच चुकी है। इसीलिए नवंबर 2024 में 02 एवं मार्च 2025 में 02 अब तक कुल 04 गैण्डों को स्वछंद विचरण हेतु अवमुक्त किया जा चुका है तथा इसी माह 06 और गैण्डों को अवमुक्त किया जाना है। अभी तक जो 04 गैण्डे स्वच्छंद विचरण हेतु अवमुक्त किए गए हैं वह यद्यपि प्रथम गैण्डा पुर्नवास केन्द्र के आस-पास ही विचरण कर रहे हैं, परंतु 06 और गैण्डे अवमुक्त किए जाने के उपरांत तथा इनमें होने वाली वंशवृद्धि के उपरांत इनके अपने क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भी जाने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए आपसी समन्वय परम आवश्यक है, जिस पर इस कार्यशाला में बल दिया गया।
दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी का लगभग 50 किमी0 से अधिक क्षेत्रफल नेपाल राष्ट्र की सीमा से लगा हुआ है। इस सीमा से अराजकतत्वों द्वारा घुसपैठ कर नेपाल राष्ट्र के साथ भारत के संबंधों को खराब करने का निरंतर प्रयत्न करते रहते हैं। चूंकि अपराधी को सिर्फ और सिर्फ अपराधी की दृष्टि से ही देखा जाना चाहिए चाहे वह भारत का हो अथवा नेपाल राष्ट्र का इसलिए उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही में दोनों देशों का सहयोग परम आवश्यक है। मीटिंग के दौरान अवैध गतिविधियों को रोकने, मानव वन्य जीव संघर्ष जैसे संवेदनशील मुददों, आपसी समन्वय, सहयोग एवं तकनीकि जानकारियों के आदान-प्रदान हेतु इक्सपोजर करने पर भी बल दिया गया। महत्वपूर्ण मुददा दोनों राष्ट्रों के मध्य संचार व्यवस्था को विकसित किए जाने पर रहा है, जिससे वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा संबंधी जानकारियों का आदान-प्रदान समयांर्तगत संभव हो सके।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जगदीश, आर0 उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी, रामविचारी ठाकुर प्रभागीय वनाधिकारी, कैलाली, लक्ष्मीराज जोशी प्रभागीय वनाधिकारी, कंचनपुर, पुरुषोत्तम बघेल, असिस्टेंट वार्डन शुक्लाफांटा, दिनेष यादव उप प्रभागीय वनाधिकारी कुंण्डा, राजबहादुर अययर प्रेसीडेंट धनगड़ी, धर्मराज ओक्षा प्रेसीडेंट धनगड़ी, मोहन कर्की डिप्टीएसपी, एपीएफ भंसार, लव विष्ट, बफर जोन, शुक्लाफांटा, टेकराज जोशी सामाजिक प्रमुख धनगढ़ी, नेपाल प्रहरी के साथ अधीक्षक, सीमा शुल्क विभाग, डाॅ0 मुदित गुप्ता, विश्व प्रकृति निधि, असिस्टेंट कमाण्डेंट एसएसबी 39 बटालियन, अक्षय वाले, भा0व0से0 प्रशिक्षु दीपक कुमार पाण्डेय, उप प्रभागीय वनाधिकारी, बेलरायां, महावीर सिंह, वन्य जीव प्रतिपालक, दुधवा, रमेश कुमार, वरिष्ठ सहायक, विकास वर्मा, क्षेत्रीय वन अधिकारी, गौरीफण्टा, रितेश पटेल, क्षेत्रीय वन अधिकारी दुधवा, अभिषेक सिगतिया क्षेत्रीय वन अधिकारी, सठियाना रेंज द्वारा अपने-अपने विचार रखे गए।कार्यक्रम का समापन अभिभाषण, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी द्वारा प्रस्तुत करते हुए नेपाल राष्ट्र के आए हुए अतिथिगणों द्वारा कार्यशाला में रखे गए बिन्दु, समन्वय, सुरक्षा, संरक्षा, सूचनाओं का आदान-प्रदान, पारदर्शिता आदि बिन्दुओं पर अपना मंतव्य स्पष्ट किया गया साथ ही हर आवश्यक सुझाव, सूचनाओं का समयांर्तगत आदान-प्रदान पर अपनी प्रतिबद्धता प्रकट किया, साथ ही शीमा शुल्क विभाग द्वारा पलिया-दुधवा-गौरीफण्टा मार्ग पर गति नियत्रण संबंधी दिए गए सुझाव पर किए जा रहे प्रयासों एवं भविष्य में इसे और बेहतर बनाए जाने संबंधी अपना पक्ष रखा गया। साथ ही नेपाल राष्ट्र के आए हुए अतिथिगणों का कार्यशाला में प्रतिभाग करने हेतु आभार प्रकट किया गया।कार्यक्रम का संचालन, रमेश कुमार, वरिष्ठ सहायक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी द्वारा किया गया। कार्यक्रम पूर्ण होने के उपरांत इस कार्यक्रम की यादों को अपने साथ सुरक्षित रखने के लिए कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले समस्त अतिथिगणों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।जगदीश आर उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में नेपाल राष्ट्र के अतिथिगणों के साथ-साथ, मेडिकल आफिसर गौरीफण्टा, रोहित रवि, सीनियर प्रोजेक्ट आफिसर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, सुशांत भण्डार प्रभारी, डाॅ0 मोहम्मद तलहा, पशु चिकित्सक, दुधवा, विपिन कपूर सैनी, आउटरीच प्रोग्राम इंचार्ज के साथ क्षेत्रीय वन अधिकारी, मैलानी, किशनपुर, पर्यटन, दुधवा, सठियाना, बनकटी, उत्तर सोनारीपुर, दक्षिण सोनारीपुर, बेलरायां, सुरेन्द्र कुमार, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी व अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
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