(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी 07 दिसंबर। सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर रविवार को जिला मुख्यालय देशभक्ति की भावनाओं से सराबोर रहा। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी विंग कमांडर धनंजय प्रसाद सिंह ने डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को सशस्त्र सेना झंडा दिवस का प्रतीक ध्वज लगाया और प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इसी अवसर पर डीएम ने सैनिक स्मारिका का विमोचन भी किया।

डीएम ने शहीदों के परिजनों और वीर सेनानियों के सम्मान में सहयोग राशि प्रदान की। वहीं 1965 के भारत–पाक युद्ध की हीरक जयंती पर निदेशालय सैनिक कल्याण, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी स्मृति चिह्न भी उन्हें सौंपा गया। इस स्मृति चिह्न में परमवीर चक्र से सम्मानित 1965 युद्ध के नायक, उत्तर प्रदेश के सपूत CQMH अब्दुल हमीद की तस्वीर प्रमुख रूप से अंकित है।

डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने भारतीय सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर वीर जवानों और उनके परिजनों को हृदय से प्रणाम करते हुए कहा कि देश-देशवासियों की रक्षा के लिए अपने प्राणों को उत्सर्ग करने वाले वीरों के परिवारों के कल्याण के लिए सहयोग करने का यह दिन है। मां भारती के गौरव एवं सम्मान की रक्षा करते हुए प्राणोत्सर्ग करने वाले शहीदों के आश्रितों एवं परिजनों तथा दिव्यांग सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के कल्याण के इस पुनीत कार्य में हम सभी योगदान दें। देश के वीर जवानों और उनके परिजनों को प्रणाम करता हूं।

जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी विंग कमांडर धनंजय प्रसाद सिंह ने बताया कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर मोटर वाहनों में लगने वाले कार ध्वज तथा प्रतीक ध्वज वितरित किए जाते हैं। वितरण द्वारा संग्रहित राशि से शहीद सैनिकों के आश्रित परिजनों, दिव्यांग सैनिकों, पूर्व सैनिकों, सेवारत सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण व पुनर्वास से संबंधित आर्थिक सहायता योजनाएं संचालित की जाती हैं।

उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था तब बनाई गई थी, जब देश की, सेना की, और सैनिकों की आर्थिक स्थिती अच्छी नहीं थी। आज स्थिती काफी बेहतर है। फिर भी सेना के अटूट मनोबल को और सबल बनाने के प्रति जन जन की प्रचुर भावना को सैनिक कल्याण के साथ समेकित करने की इस व्यवस्था को कायम रखना आवश्यक है।

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