



(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलियाकलां- (खीरी)गौरव एवं गरिमा के साथ 39वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पलिया ने मनाया अपना 18वाँ स्थापना दिवस दिनांक 06 मई 2025 को 39वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पलिया द्वारा अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा एवं अनुशासन के साथ अपना 18वाँ स्थापना दिवस मनाया गया । यह शुभ अवसर न केवल संगठन की स्थापना के गौरवशाली क्षणों को स्मरण करने का दिन था, बल्कि वाहिनी की निष्ठा, सेवा, एवं समर्पण की परंपरा को सम्मानपूर्वक अभिव्यक्त करने का माध्यम भी रहा ।
कार्यक्रम के शुभारम्भ में श्री रबीन्द्र कुमार राजेश्वरी (कमांडेंट), 39वीं वाहिनी को परंपरा के अनुरूप सलामी दी गई । इसके पश्चात कमांडेंट महोदय द्वारा सशस्त्र सीमा बल के माननीय महानिदेशक महोदय का प्रेरणास्पद संदेश सभी कार्मिकों एवं उपस्थितजनों को पढ़कर सुनाया गया । अपने संबोधन में उन्होंने स्थापना दिवस के अवसर पर वाहिनी में तैनात समस्त अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिवारजनों को शुभकामनाएं दीं तथा राष्ट्रसेवा में उनके योगदान की प्रशंसा की । कार्यक्रम का अगला चरण सांस्कृतिक संध्या के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें वाहिनी के कार्मिकों, उनके परिवारजनों एवं केंद्रीय विद्यालय के प्रतिभावान विद्यार्थियों द्वारा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं । इन प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति की विविधता, एकता एवं देशभक्ति की भावनाओं को अत्यंत आकर्षक ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया । नृत्य, संगीत, कविताओं एवं लघु नाटिकाओं के माध्यम से प्रतिभागियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया । कमांडेंट महोदय ने सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु मंच पर सम्मानित किया एवं उन्हें प्रेरणादायी शब्दों से उत्साहित किया । साथ ही, उन्होंने सिस्टर एजेंसियों एवं स्थानीय प्रशासन से पधारे हुए गणमान्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया । इस सुअवसर पर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षाविदों तथा विशिष्ट आमंत्रित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा को और भी बढ़ा दिया । समारोह के समापन पर परंपरागत ‘बड़ाखाना’ (सामूहिक भोज) का आयोजन किया गया, जिसमें सभी जवानों, अधिकारियों, उनके परिजनों एवं आमंत्रित अतिथियों ने आत्मीयता एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सहभागिता की ।
यह स्थापना दिवस समारोह न केवल एक संगठनात्मक पर्व था, अपितु यह परिश्रम, अनुशासन एवं देश के प्रति अदम्य निष्ठा की पुनः पुष्टि का अवसर भी सिद्ध हुआ । 39वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पलिया निरंतर इसी समर्पण के साथ राष्ट्रसेवा में अग्रसर रहे, यही शुभकामना है ।
