(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी) 26 नवंबर 2008 में मुंबई में हुआ आतंकी हमला में जो 26 नवंबर बुधवार 2008 को शुरू हुआ और 29 नवंबर शनिवार 2008 तक चला यह श्रेणी बद्ध आतंकी हमला था इसमें 10 लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी नाव के सहारे से मुंबई में पहुंचे थे। जिनकी नाव पर सवार होकर निकले थे उनको भी मार दिया था। हमले में बमबारी,गोलीबारी, बंधक संकट, घेराबंदी,हथियार एके 47, आरडीएक्स , इंप्रोवाइज विस्फोटक डिवाइस /आईडी/ ग्रेनेड आदि आतंकियों के पास था। आतंकियों की संख्या 10 थी पर वह अलग-अलग स्थानों पर हमले करने लगे। 9 हमलेवर मार दिए गए थे एक अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया था। जिसे 21 नवंबर 2012 में नर्मदा जेल पुणे में प्रातः फांसी दे दी गई थी। मुंबई के उन स्थानों आतंकी हमला वरों ने पहले ही चिन्हित कर रखा था । इनमे 1-लियोपोल्ड कैफे 2- छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, 3-ताजमहल पैलेस होटल, 4-ओबेरॉय ट्राइडेंट 5-कामा चैरिटेबल हॉस्पिटल 6-नरीमन हाउस यहूदियों का मदद का सेंटर शामिल था। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर बंदूक धारी इस्माइल खान और अजमल कसाब ने हमला कर दिया। इसमें 58 लोग मारे इसमें 04 पुलिस अधिकारी भी मारे गए थे । अजमल कसाब आतंकी को जिंदा पकड़ लिया गया था। रोगियों के मारने के लिए कामा अस्पताल की ओर बढे ।लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने मरीज के वार्डों को पहले ही लाक कर दिया था। इसलिए वहां पर हमला नहीं हो सका। दक्षिणी मुंबई में कुलाबा काजवे पर लियोपोल्ड कैफे जो बहुत ही लोकप्रिय है दो आतंकी शोएब उर्फ़ सोहेब नाजिर उर्फ अबू उमेर कैफे पर फायरिंग करने लगे 10 लोग मारे गए कई घायल हो गए। आतंकियों ने टैक्सियों में भी बम विस्फोट किया इसमें ड्राइवर और। कई यात्री मारे गए और घायल हुए। ताजमहल पैलेस होटल में 31 लोग मारे गए और बहुत घायल हो गये । ओबेरॉय ट्राइडेंट में 32 लोग मारे तथा कई घायल हुए ।अन्य आंकड़ों के अनुसार 178 लोग मारे गए 657 लोग घायल हुए। हमले में नागरिक सुरक्षा कर्मियों सहित 166 लोग मारे गए। इसके अलावा 10 हमला वरों में 09 आतंकी भी मारे गए ।मरने वालों में 29 विदेशी नागरिक थे । 15 पुलिसकर्मी 2 एनएसजी कमांडो भी मारे गए। विदेशी नागरिकों में अमेरिकी -5 इजरायली -5आस्ट्रेलिया- 4 जर्मन-3 कनाडा-2 फ्रेंच -2 ब्रिटिश 01 चीनी-01 जापानी-01 स्पैनिश -01 इतालवी -01 जार्डन-01 सिंगापुर-01 थाई -01 मारे गए।

गोलीबारी में आतंक निरोधी दस्ते के कुल 11 लोग मारे गए हेमंत करकरे, विजय सालकर, अशोक कॉमटे, सदानंद दाते, संदीप उन्नीकृष्णन, सुशांत शिंदे ,नाना साहेब भोंसले तुकाराम ओंबले और प्रकाश मोरे।अब तहव्वुर हुसैन राणा को हमारा न्यायालय क्या सजा देता है।

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