

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी)दुधवा, लखीमपुर-खीरी दुधवा टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र 2026-27 के दौरान पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा वन विश्राम गृहों में आतिथ्य एवं सेवा की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दिनांक 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित दो दिवसीय हॉस्पिटैलिटी एवं सेवा मानक प्रशिक्षण संपन्न हो गया।
यह प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश बाघ संरक्षण समिति, लखनऊ के समन्वय से पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के पर्यटन जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड न्यूट्रिशन, लखनऊ के प्रशिक्षकों के माध्यम से किया गया।प्रशिक्षण का उद्देश्य दुधवा, पीलीभीत, रानीपुर एवं अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में तैनात रेस्ट हाउस स्टाफ के आतिथ्य सत्कार, अतिथि सेवा, स्वच्छता एवं सुरक्षा संबंधी कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना था, ताकि वन्यजीव पर्यटन के लिए आने वाले पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं सुविधाजनक अनुभव प्रदान किया जा सके।
दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अतिथि सत्कार एवं सेवा शिष्टाचार, रेस्ट हाउस के रखरखाव एवं हाउसकीपिंग के मानक, मासिक गतिविधि रिपोर्ट तैयार करने, खाद्य एवं पेय पदार्थों की सेवा, स्वच्छता एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई। इसके साथ ही अतिथियों के चेक-इन एवं चेक-आउट की प्रक्रिया, बुफे व्यवस्था, भोजन परोसने की विधि, टेबल सज्जा तथा सेवा संबंधी व्यावहारिक पहलुओं पर भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान करते हुए फीडबैक लिया गया तथा प्रमाणन की प्रक्रिया भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न की गई।
इस प्रशिक्षण से वन विश्राम गृहों में कार्यरत कर्मचारियों की कार्यक्षमता, व्यवहार कुशलता एवं सेवा संबंधी दक्षताओं में वृद्धि होने की अपेक्षा है। इससे दुधवा सहित प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों को बेहतर आतिथ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उत्तर प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा पर्यटन सत्र 2026-27 में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा वन एवं वन्यजीव संरक्षण के साथ जिम्मेदार पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
