

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (लखीमपुर) बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड चीनी मिल पलिया क्षेत्र के ग्राम तिकोना फार्म के कृषक भजन सिंह पुत्र पूरन सिंह के खेत में शरद कालीन गन्ना को० 20016 से बुआई की गयी। जिसका निरीक्षण युनिट हेड ओ पी चौहान व केन हेड राजीव तोमर व कृषक उपस्थित रहे। मृदा शोधन के लिए गोबर की खाद में तैयार किए गए ट्राइकोडर्मा का प्रयोग आखिरी जुताई से पहले किया गया। गन्ना बीज के एक से दो आंख के टुकड़ों को फफुदी नासक के घोल से उपचारित करके ही बुआई करनी चाहिए ताकि गन्ना बीज में पहले से मौजूद बीमारी के जीवाणु को नष्ट किया जा सके जिससे गन्ने के जमाव पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। युनिट हेड ने गन्ना किसानों व गन्ना पर्यवेक्षको ने बताया कि गन्ना प्रजाति जैसे को0 -0118 ,को0 -15023,को 0लख 0-14201 की ही बुआई करें। गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधी द्वारा जिसमें लाइन से लाइन की दूरी चार फिट से कम न हो तथा पौधे से पौधे की दूरी कम से कम एक फिट होना चाहिए।
केन हेड राजीव तोमर ने गन्ने के साथ साथ सह फसल की बुवाई करके जैसे आलू,मटर से दोहरा लाभ ले सकते हैं।
