

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी)लखीमपुर खीरी, 05 सितंबर। शनिवार को एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह तहसील सदर के ब्लॉक नकहा अंतर्गत बाढ़ प्रभावित रेहरिया कला गांव पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर गांव में बाढ़ की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं। मौके की स्थिति देखने के बाद संबंधित अधिकारियों को राहत एवं व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
एडीएम ने गांव में पहुंचकर केवल बाढ़ की स्थिति का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी परेशानियां भी सुनीं। जलभराव, आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी समस्याओं के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। किसी भी जरूरतमंद को परेशानी न हो, इसके लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
*ग्रामीणों तक पहुंचा राहत का निवाला*
बाढ़ प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरत को देखते हुए गांव में लंच पैकेट का वितरण भी कराया गया। एडीएम ने स्वयं ग्रामीणों से संवाद करते हुए लंच पैकेट का वितरण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों की जरूरत के अनुसार राहत सामग्री की उपलब्धता और वितरण में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा में प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है। ग्रामीणों को भोजन, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाएं समय से उपलब्ध कराने के लिए मौके पर मौजूद अधिकारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।
*बाढ़ के पानी के साथ बीमारी की चिंता, मेडिकल टीम ने संभाला मोर्चा*
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जलजनित और संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव पहुंची। मेडिकल टीम ने ग्रामीणों के बीच जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के दौरान जरूरतमंद लोगों को आवश्यक औषधियां उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी लेकर उन्हें जरूरी चिकित्सकीय सलाह भी दी। एडीएम ने स्वास्थ्य टीम की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। ग्रामीणों को समय पर उपचार और दवाएं मिलती रहें, यह सुनिश्चित किया जाए।
*नागरिकों के साथ पशुओं की भी चिंता, चारे और स्वास्थ्य की निगरानी के निर्देश*
बाढ़ प्रभावित गांव में ग्रामीणों के साथ उनके पशुधन की चिंता भी प्रशासन के एजेंडे में रही। एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी को ग्रामीणों के पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने और उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। पशुधन के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और जरूरत पड़ने पर तत्काल जरूरी कार्रवाई की जाए। वहीं, ग्रामीणों को वितरित किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता भी एडीएम ने स्वयं जांची।
