

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी)लखीमपुर खीरी, 18 जुलाई। भूजल स्तर में लगातार गिरावट को देखते हुए जिला प्रशासन ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की कवायद तेज कर दी है। भूजल सप्ताह (16 से 22 जुलाई) के तहत शनिवार को तहसील सदर के लोकसभागार में आयोजित बैठक में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि जल संरक्षण अब विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम का संयोजन सहायक अभियंता (लघु सिंचाई) ने किया। बैठक में एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग, सीडीओ अभिषेक कुमार, एसडीएम सदर/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट चिलुआ राजू आर, एएसपी विवेक तिवारी समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम ने कहा कि कृषि, पेयजल, सिंचाई और उद्योगों की बढ़ती जरूरतों के कारण भूजल पर दबाव बढ़ा है और कई क्षेत्रों, विशेषकर शहरों में, भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाब-चेकडैम निर्माण, ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी जल संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा देने के साथ अनियंत्रित भूजल दोहन पर भी प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित कर रही है।
डीएम ने बताया कि जिले की सभी ग्राम पंचायतों, विकास खंडों और नगरीय निकायों में “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” थीम पर सात दिवसीय जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने अभियान के तहत चिन्हित जलाशयों के पुनर्जीवन के लिए श्रमदान, ग्राम पंचायतों में पेयजल एवं स्वच्छता समितियों की बैठक, जागरूकता रैलियां, दीवार लेखन, पोस्टर अभियान, वर्षा जल संचयन स्थलों की पहचान, रिचार्ज पिट निर्माण, पौधारोपण, जल संरक्षण शपथ, ड्रिप-स्प्रिंकलर तकनीक का प्रदर्शन, विद्यालयों में पोस्टर व निबंध प्रतियोगिताएं तथा जल गुणवत्ता परीक्षण शिविर जैसी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी और विभागीय समन्वय के जरिए जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है। बैठक के अंत में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाते हुए आह्वान किया कि “हर बूंद बचाने का संकल्प ही भविष्य को सुरक्षित करेगा। जल बचेगा, तभी कल बचेगा।”
