पलिया कलां (खीरी) मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी। दून पब्लिक स्कूल, दिलावरपुर (गोला रोड), मोहम्मदी में शुक्रवार को विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य सतनाम सिंह का जन्मदिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। विद्यालय परिवार ने पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएँ दीं।
विद्यालय की अभिनव एवं प्रेरणादायी परंपरा के अनुरूप सतनाम सिंह ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर में पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। विद्यालय की इस अनूठी पहल के अंतर्गत प्रत्येक शिक्षक अपने जन्मदिवस पर एक पौधा लगाता है तथा उसके संरक्षण एवं पालन-पोषण का दायित्व स्वयं निभाता है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा भावी पीढ़ी को सुरक्षित एवं हरित भविष्य प्रदान करना है।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती कविता शर्मा ने उप-प्रधानाचार्य सतनाम सिंह को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं सफल जीवन की कामना की। उन्होंने उपस्थित सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए वृक्षों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता तथा पौधारोपण से होने वाले सामाजिक एवं प्राकृतिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन के विशेष अवसरों पर एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य सहज ही प्राप्त किया जा सकता है।
/विद्यालय के प्रबंधक डॉ. गुरुमेजर सिंह ने सभी उपस्थित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के आधार हैं और स्वच्छ पर्यावरण, शुद्ध वायु तथा स्वस्थ जीवन के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने उप-प्रधानाचार्य सतनाम सिंह को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ देते हुए विद्यालय की इस पर्यावरणीय पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में शिक्षक रमेश गौतम, जितेन्द्र कुमार, उपेंद्र शर्मा, विजेंद्र शर्मा, अवनीश श्रीवास्तव, विमल यादव, अंजनेय मिश्रा, अजय पांडे, विनय विश्वकर्मा, मनोज कुमार मौर्य सहित विद्यालय का समस्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ उपस्थित रहा।समारोह के अंत में सभी ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि “पार्टी नहीं… एक पेड़ चाहिए” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाते हुए प्रत्येक शुभ अवसर पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएंगे तथा उसके संरक्षण का दायित्व भी निभाएंगे।विद्यालय की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बन रही है।