(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर-खीरी, 25 अप्रैल। जनगणना 2027 के महाअभियान में लापरवाही बरतने वाले सरकारी कार्मिकों पर अब जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के प्रथम चरण के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के अनुपस्थित रहने पर जिला जनगणना अधिकारी/एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है।
*लापरवाही की सूची तैयार, कार्रवाई के निर्देश*
विभिन्न तहसीलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, 20 अप्रैल से शुरू हुए प्रशिक्षण के दौरान मोहम्मदी, गोला, और निघासन जैसे क्षेत्रों में भारी संख्या में कार्मिक गैरहाजिर मिले हैं। अकेले तहसीलदार मोहम्मदी की रिपोर्ट में 20 अप्रैल को 38 और 21 अप्रैल को 36 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए। इनमें ग्राम विकास अधिकारी, सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र, पंचायत सहायक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं।
*अंतिम चेतावनी: अनुपस्थिति पड़ी भारी, तो खुद होंगे जिम्मेदार*
अपर जिलाधिकारी/जिला जनगणना अधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण के अब केवल दो चरण शेष बचे हैं, जिनमें शत-प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी और अन्य संबंधित विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीन कार्यरत इन अनुपस्थित कार्मिकों के विरुद्ध सुसंगत नियमों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
*व्हाट्सएप से मिली थी सूचना, फिर भी गायब रहे कार्मिक*
तहसील मोहम्मदी द्वारा जारी नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रशिक्षण की सूचना फोन और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पहले ही दे दी गई थी। बावजूद इसके, दर्जनों कर्मचारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई, तो जनगणना अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं कार्मिक की होगी।
