(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलियाकलां-खीरी लखीमपुर 07 नवंबर। जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए किसानों को प्रेरित करके पराली के प्रबंधन की कार्यवाही कराने के साथ ही सख्ती भी कर रहा है। प्रशासन ने फसल अवशेष जलाने वालों पर सख्ती करते हुए एक लाख दो हजार 500 रुपये का अर्थ दंड लगाया और 05 कंबाइन मशीनों को सीज किया।

डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने पराली जलाने वाले किसानों से कहा है कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत पराली न जलाएं, पराली जलाने से मानव स्वास्थ्य पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। पशुओं के चारे की कमी हो जाती है। उन्होंने जनपद के सभी कंबाइन हार्वेस्टर मालिकों को चेताया है कि कंबाइन मशीन के साथ स्ट्रारीपर अवश्य लगाकर ही कटाई करें अन्यथा कंबाइन सीज करते हुए आपके विरुद्ध पर्यावरण क्षतिपूर्ति का अर्थ दंड लगाया जाएगा।

डीएम ने सभी लेखपालों व प्रधानों को अपने ग्राम पंचायत में फसल अवशेष जलाने वाले लोगों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। कहा कि किसान पराली को गौशालाओं में निराश्रित पशुओं के चारे के लिए दान कर दें। अधीन ग्राम पंचायत में पराली जलाई जाने पर लेखपालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। डीएम ने कृषि विभाग के कर्मचारियों को भी क्षेत्रों में भ्रमण कर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान से के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।

उपनिदेशक कृषि अरविंद मोहन मिश्रा ने बताया कि किसानों की ओर से लगातार पराली जलाने के मामले सामने आ रहे हैं। इससे खेतों की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है। पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।पराली जलाने वाले जिले के लोगो को का अर्थदंड लगाया गया है।

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