पलिया में वृक्षारोपण करते  यूनिट हेड ओ पी चौहान
वृक्षारोपण करते गोला के यूनिट हेड जितेंद्र सिंह जादौन
वृक्षारोपण करते हुए खंभार खेड़ा के यूनिट  हेड अवधेश गुप्ता

(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलियाकलां- (खीरी)बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड द्वारा विश्व जल दिवस के मौके पर वृक्षारोपण कर जल ही जीवन है के जल बचाओ अभियान चलाया है जिसके लिए बजाज ग्रुप की सभी चीनी मिलों में जल संचय के लिए वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग)नवीनतम तकनीक द्वारा वर्षा जल को संचित किया जाता है।ताकि बाद में इसका उपयोग किया जा सके। इससे जल बढ़ोतरी के साथ साथ , जहां जल स्रोत नही है वहा पर पानी की कमी को दूर कर सकते है।
बजाज हिन्दुस्थान की सभी इकाईयो में वर्षा जल संचयन हेतु ग्राउंड वाटर रिचार्ज विधि से वर्षा का समस्त पानी जमीन के नीचे संग्रह किया जाता है। इससे वर्षा का पानी नालियों से बह कर नही जाता है। उक्त जानकारी बजाज ग्रुप के मीडिया प्रभारी सतीश श्री वास्तव ने दी।
इसके अतरिक्त चीनी मिल में उपयोग होने वाला जल में जो पानी बच जाता है वह एफुलेंट ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा शुद्ध करके उन्हें उपयोग किया जाता है। इससे बजाज ग्रुप की सभी चीनी मिल को प्रतिदिन15600 किलोलीटर पानी की बचत होती है जिसका उपयोग मिल में रियूज और खेत में सिंचाई हेतु किसानों द्वारा उपयोग हेतु लाया जाता है । बारिश के पानी को शुद्ध कर जमीन के अंदर डाल जाता है जिससे बरसात का पानी बर्बाद नहीं होता और भूगर्भ में गिरते जलस्तर को रोकने में मददगार साबित होता है। जल संरक्षण के लिए अभी खंभारखेडा चीनी मिल द्वारा एक 3 किलो मीटर लम्बा बांध कर निर्माण कराया गया था जिससे शारदा नदी के किनारे बसे गांव जो बाढ़ से तबाह हो जाते थे उन्हें बचाया जा सके तथा जल को बर्बाद होने से रोका जा सके। अभी हाल ही में जल संसाधन प्रबंधन में असाधारण कार्य के लिए बजाज फाउंडेशन के ट्रस्टी अपूर्व नयन बजाज को महाराष्ट्र सरकार के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक समारोह में सम्मानित किया था।
महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से बजाज फाउंडेशन की नदी पुनर्जीवन परियोजना शुरू की गई है जो अरबी और अस्ति ब्लॉकों में 215 किलोमीटर क्षेत्र को कबर करती है 70500 एकड़ कृषि भूमि वाले 96 गांव को 10200 से अधिक किसान पहले भी लाभानित हो रहे हैं।
खंभारखेडा चीनी मिल द्वारा ललिलौटीनाथ मंदिर के निकट बह रही जुनेद नाले की लगभग 8 किलो मीटर की सफाई की योजना बनाई है जिसे बरसात से पहले कराया जाएगा। वर्षा जल संचयन को लेकर प्रोत्साहित किया गया। वर्षा जल संचयन आज के समय मे बहुत आवश्यक हो गया है क्योंकि भू जल का अश्तर दिन पर दिन ।कम होता जा रहा है,बड़े बड़े शहरों -गांव भू -जल की कमी से लोग जूझ रहे है। हम सभी का दायित्व है कि वर्षा जल संचयन कर वर्षा जल की बर्बादी से बचाए ।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *