(ओमप्रकाश ‘सुमन’)

पलिया कलां (खीरी) दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी के उपनिदेशक श्री जगदीश आर. के निर्देशन में दीपावली पर्व के निकट आने के दृष्टिगत वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दिनांक 05 नवंबर 2026 को बेलरायां रेंज में व्यापक फ्लैग मार्च निकाला गया।

उप प्रभागीय वनाधिकारी बेलरायां श्री दीपक कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित यह फ्लैग मार्च बेलरायां रेंज के अंतर्गत ग्राम कुसाही से प्रारंभ होकर तकियापुरवा, हरबक्सपुरवा, हरद्वाही तथा बेलरायां बाजार होते हुए निकाला गया। फ्लैग मार्च में क्षेत्रीय वन अधिकारी बेलरायां श्री राकेश कुमार तिवारी सहित समस्त वन दरोगा, वन्यजीव रक्षक, वन रक्षक, एसटीपीएफ जवान एवं न्यूनतम वेतन कर्मचारी शामिल रहे।

बेलरायां रेंज अपनी बहुमूल्य एवं बहुलता में विद्यमान वृक्ष संपदा तथा वन्यजीवों की समृद्ध विविधता के कारण अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यहां वन संपदा एवं वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रति विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है। दीपावली पर्व के दौरान आतिशबाजी, आगजनी, अवैध गतिविधियों तथा मानवीय हस्तक्षेप से वन एवं वन्यजीवों को संभावित नुकसान की आशंका को देखते हुए विभाग द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।

फ्लैग मार्च का प्रमुख उद्देश्य आम जनमानस में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के साथ-साथ यह स्पष्ट संदेश देना था कि वन संपदा, बहुमूल्य वृक्षों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के मामले में वन विभाग पूरी तरह सजग, सतर्क एवं दृढ़ संकल्पित है। वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, वन संपदा को क्षति पहुंचाने, वन्यजीवों को परेशान करने अथवा उनके जीवन एवं प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचाने वाले कृत्यों को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस दौरान आम नागरिकों से अपील की गई कि वे दीपावली का पर्व सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाएं तथा वन क्षेत्रों के आसपास आतिशबाजी, आग जलाने एवं ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें, जिससे वन संपदा और वन्यजीवों को खतरा उत्पन्न हो सकता है। वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में विभाग का सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।

दुधवा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण केवल विभागीय दायित्व ही नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विभाग की निगरानी, गश्त एवं प्रवर्तन कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी तथा संरक्षण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी।वन एवं वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, तभी प्रकृति और पर्यावरण का संतुलन कायम रहेगा।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed