


(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी, 26 अक्टूबर। गोवंश का संरक्षण केवल संख्या तक सीमित नहीं, बल्कि उनकी सेहत और समुचित देखभाल भी प्रशासन की प्राथमिकता है। गो आश्रय स्थलों पर व्यवस्थाओं की हकीकत परखने निकले डीएम अंजनी कुमार सिंह को सोमवार को तहसील सदर, नकहा ब्लॉक के चाऊपुर गो आश्रय स्थल में कई गोवंश कमजोर मिले। इस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि एक माह के भीतर गोवंश के स्वास्थ्य में सुधार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। साथ ही चेताया कि एक माह बाद वह स्वयं दोबारा निरीक्षण कर व्यवस्थाओं और सुधार की स्थिति परखेंगे। इस दौरान मुख्य रूप से सीवीओ डॉ दिनेश कुमार सचान मौजूद रहे।
*530 गोवंश संरक्षित, भूसा-दाना की उपलब्धता भी परखी*
तहसील लखीमपुर के अंतर्गत चाऊपुर गो आश्रय स्थल के औचक निरीक्षण के दौरान कुल 530 गोवंश संरक्षित मिले। इनमें 297 नर और 233 मादा गोवंश शामिल हैं। डीएम ने गोवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और प्रबंधन व्यवस्था का जायजा लेने के साथ विभिन्न पंजिकाओं का भी अवलोकन किया। मौके पर 131 कुंतल भूसा और 12 कुंतल दाना उपलब्ध मिला। आश्रय स्थल पर दिन की ड्यूटी हेतु 10 तथा चार रात्रि के लिए केयरटेकर कार्यरत है।
*कमजोर गोवंश के स्वास्थ्य में सुधार पर जोर*
निरीक्षण के दौरान कमजोर गोवंश मिलने पर डीएम ने क्षेत्रीय पशु चिकित्सा अधिकारी को उनके स्वास्थ्य में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोवंश को पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराने, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और समुचित देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाए। एक माह बाद होने वाले पुनः निरीक्षण में सुधार की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
*निगरानी में लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही*
गो आश्रय स्थल के पर्यवेक्षण में शिथिलता मिलने पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव मेहुल कुमार के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि बीडीओ नकहा संगीता यादव का वेतन रोकने के निर्देश दिए। प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए डीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि गोवंश संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष कुमार, ग्राम पंचायत के प्रशासक प्रतिनिधि तथा गो आश्रय स्थल के केयरटेकर मौजूद रहे।
