


(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी 05 सितंबर। भावी पीढ़ी को संवारने, शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करने और अपने उत्कृष्ट कार्यों से समाज को नई दिशा देने वाले जिले के 61 शिक्षकों का शनिवार को
शिक्षक दिवस पर सम्मान किया गया। भारत रत्न व पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस (शिक्षक दिवस) के अवसर पर शनिवार को बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “जनपदीय शिक्षक सम्मान समारोह” का कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में भव्य आयोजन हुआ। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम अंजनी कुमार सिंह ने डीआईओएस विनोद कुमार मिश्र के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर तथा मॉ. सरस्वती तथा पूर्व राष्ट्रपति, विद्धान, दार्शनिक और भारत रत्न से सम्मानित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाइव स्ट्रीमिंग देखी और सुनी गई।
शिक्षक दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि गुरु को भारतीय संस्कृति में सर्वोच्च स्थान दिया गया है। शिक्षक विश्वास और संस्कार के प्रतीक हैं। उनके कंधों पर बच्चों के भविष्य निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है। डीएम ने कहा कि शिक्षक बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने के साथ उनमें अच्छे संस्कार भी विकसित करें। सभ्य, अनुशासित और दक्ष समाज के निर्माण में शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षक का मार्गदर्शन विद्यार्थियों की दशा और दिशा दोनों तय करता है।
भावुक हुए डीएम ने अपने बचपन और शिक्षकों को याद करते हुए कई संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि सम्मानित शिक्षकों ने अपनी प्रतिबद्धता और मेहनत से विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता सुधारने के साथ विद्यार्थियों के जीवन को भी समृद्ध किया है। अन्य शिक्षक भी उनसे प्रेरणा लें। उन्होंने डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। डीएम ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत और उत्तर प्रदेश के निर्माण की नींव विद्यालयों में ही तैयार होगी। इसलिए शिक्षक नई पीढ़ी को ज्ञान के साथ संस्कार देकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
*शिक्षक शिल्पकार की तरह गढ़ते हैं व्यक्तित्व*
कार्यक्रम की शुरुआत में0डीआईओएस विनोद कुमार मिश्र ने समारोह की आवश्यकता और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ज्ञान ही इंसान को जीवन की सही दिशा दिखाता है। जिस प्रकार शिल्पकार पत्थर को तराशकर मूर्ति का रूप देता है और कुम्हार कच्ची मिट्टी को तपाकर उसे उपयोगी आकार देता है, उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थियों के अवगुणों को दूर कर उन्हें योग्य और सक्षम नागरिक बनाता है। शिक्षक ज्ञान का ऐसा अविरल स्रोत हैं, जो लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने का कार्य करते हैं।
*इन शिक्षकों को मिला सम्मान*
जनपदीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग के 21, बेसिक शिक्षा परिषद के 35 शिक्षकों के साथ पूर्व के वर्षों में राज्य पुरस्कार प्राप्त पांच शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।
*मुख्यमंत्री के हाथों लखीमपुर के दो शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान*
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में परिषदीय विद्यालय रतसिया के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार वर्मा को राज्य शिक्षक पुरस्कार तथा माध्यमिक शिक्षा के अधीन संचालित पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज (यूपी बोर्ड) के प्रधानाचार्य डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह को मुख्यमंत्री शिक्षक राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया।
