
(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां(खीरी) लखीमपुर खीरी, 31 अगस्त। अभियोजन मामलों में दोषसिद्धि की कम दर और मामलों में शीघ्र जमानत मिलने की स्थिति पर डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गंभीर अपराधों के मामलों में अभियोजन की पैरवी में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोमवार शाम कलेक्ट्रेट में एसपी डॉ. ख्याति गर्ग के साथ अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा करते हुए डीएम ने लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण और दोषसिद्धि प्रतिशत बढ़ाने के लिए अधिकारियों के पेंच कसे।
डीएम ने निर्देश दिए कि न्यायालयों में विचाराधीन गंभीर मामलों की प्रभावी पैरवी कर दोषियों को हर हाल में सजा दिलाई जाए। गवाहों की शत-प्रतिशत गवाही सुनिश्चित कराने के साथ ही समन की तामीली समयबद्ध तरीके से कराई जाए। उन्होंने कहा कि अकारण किसी गवाह की न्यायालय से वापसी नहीं होनी चाहिए। अधिकतम साक्षियों को न्यायालय के समक्ष परीक्षित कराने के लिए पुलिस और अभियोजन विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय कायम करने के लिए केवल मुकदमा दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि न्यायालय में मजबूत पैरवी के जरिए दोषियों को सजा दिलाना भी जरूरी है। पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी ढंग से पैरवी कर निस्तारित कराया जाए।
*दोषमुक्त मामलों में अपील के निर्देश*
डीएम ने दोषमुक्त हुए मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मामलों में नियमानुसार अपील ko है, उनमें समय से अपील की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। न्यायालयों में गवाहों की उपस्थिति, उनके पक्षद्रोही होने के कारणों और मुकदमों में पैरवी की स्थिति की नियमित समीक्षा करने को कहा।
एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने कहा कि अपराधियों पर प्रभावी शिकंजा कसने के लिए पुलिस कार्रवाई के साथ अभियोजन की मजबूत पैरवी जरूरी है। गंभीर अपराधों में साक्ष्यों और गवाहों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करते हुए दोषियों को सजा दिलाई जाए, ताकि पीड़ितों में न्याय का भरोसा और अपराधियों में कानून का भय कायम रहे।
*गंभीर मामलों में कमजोर पैरवी पर डीएम नाराज, बोले- अपराधियों को राहत मिली तो होगी जवाबदेही*
अभियोजन कार्यों की समीक्षा में गंभीर मामलों में आरोपितों को आसानी से जमानत मिलने का तथ्य सामने आने पर डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर मामलों में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मजबूती से पैरवी की जाए, जमानत का प्रभावी विरोध हो और दोषियों को हर हाल में सजा दिलाई जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि कमजोर पैरवी के कारण अपराधियों को राहत मिलने की स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में एडीएम (न्यायिक) ब्रजपाल सिंह, एएसपी (पश्चिमी) अमित कुमार राय, संयुक्त निदेशक अभियोजन, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, सहायक अभियोजन अधिकारी, प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता (क्रिमिनल), विशेष लोक अभियोजक, एडीजीसी क्रिमिनल सहित संबंधित अधिकारी एवं शासकीय अधिवक्ता मौजूद रहे।
