


(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां ( खीरी) लखीमपुर खीरी 18 जून। मोहर्रम के पर्व को शांतिपूर्ण, गरिमामय और परंपरागत तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने गुरुवार देर शाम अमीरनगर से सौहार्द का बड़ा संदेश दिया। गोला तहसील और मोहम्मदी सर्किल की अमीरनगर पुलिस चौकी पर आयोजित शांति समिति की बैठक में डीएम अंजनी कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने धर्मगुरुओं, ताजियादारों और क्षेत्र के संभ्रांत लोगों के साथ सीधा संवाद कर शांति, भाईचारे और कानून व्यवस्था को लेकर स्पष्ट संदेश दिया।
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि मोहर्रम गमी और मातम का पर्व है, इसे परंपरागत, गरिमापूर्ण एवं शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा और ताजियों की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होगी। शरारती तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि खुशी की बात है कि क्षेत्र के लोगों ने स्वयं आगे आकर शासन की गाइडलाइन के अनुरूप त्योहार मनाने का भरोसा दिया है। यही सामाजिक जागरूकता और जिम्मेदारी किसी भी पर्व को सफल बनाती है।
अपने संबोधन के दौरान डीएम ने मशहूर शायर निदा फ़ाज़ली का शेर सुनाकर मौजूद लोगों को इंसानियत और संवेदनशीलता का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “अपना ग़म ले के कहीं और न जाया जाए, घर में बिखरी हुई चीज़ों को सजाया जाए… घर से मस्जिद है बहुत दूर, चलो यूं कर लें, किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाए।” डीएम के इस संदेश को बैठक में मौजूद लोगों ने सराहा और सौहार्द बनाए रखने का भरोसा दिलाया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने कहा कि त्योहारों को सकुशल संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, वहीं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में आमजन की भूमिका भी अहम है। उन्होंने लोगों से धैर्य, संयम और आपसी भाईचारे के साथ गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखने की अपील की।
एसएसपी ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि एक गलत संदेश पूरे माहौल को प्रभावित कर सकता है। किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न करें और यदि कहीं कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
इस बैठक में एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी, सीओ अरुण कुमार सिंह ने अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किया। बैठक में मौजूद धर्मगुरुओं और ताजियादारों ने भी प्रशासन को आश्वस्त किया कि मोहर्रम का पर्व पूरी शांति, परंपरा और शासन की गाइडलाइन के अनुरूप मनाया जाएगा।
