


(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी)लखीमपुर खीरी, 13 मई। जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के अभियान के तहत डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बुधवार को एआरटीओ कार्यालय और प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र छाउछ का औचक निरीक्षण कर पूरी व्यवस्था की गहन पड़ताल की। डीएम के अचानक पहुंचने से कार्यालय में अफसरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान डीएम स्वयं एक-एक काउंटर पर पहुंचे और वहां मौजूद अभिलेखों को बारीकी से देखा। उन्होंने आवेदकों से जुड़े दस्तावेजों की जांच करते हुए मौके पर मौजूद कार्मिकों से उनके कार्य दायित्वों की जानकारी ली। डीएम ने कार्यालय के तीनों तल का विस्तृत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की स्थिति परखी और संबंधित अधिकारियों को जरूरी सुधारात्मक निर्देश दिए।
एआरटीओ शांति भूषण पांडे से डीएम ने कार्यालय की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिकारी नियमित रूप से राउंड करें और कार्यालय में आने वाले आवेदकों से सीधे संवाद कर यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न हो।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने परिसर में मौजूद लोगों से भी बातचीत की और उनके आवेदन एवं दस्तावेजों की जांच कर कार्य प्रगति की पुष्टि की। साथ ही उन्होंने जिले में ड्राइविंग टेस्ट एवं प्रशिक्षण हेतु संचालित प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
*ADTC पहुंचे डीएम, सेंसर ट्रैक से लेकर ऑटोमेटेड टेस्टिंग सिस्टम तक बारीकी से परखी व्यवस्था, दिए निर्देश*
इसके बाद डीएम अंजनी कुमार सिंह सीधे प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र छाउछ पहुंचे, जहां उन्होंने व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। डीएम ने सेंसर बेस्ड ट्रैक, सिम्युलेटर मशीनों और ऑटोमेटेड टेस्टिंग सिस्टम का बारीकी से अवलोकन करते हुए प्रशिक्षक दीपक शुक्ला से केंद्र की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी ली।
इस दौरान रंजीत कुमार पुत्र सुरेश का ऑटोमेटेड टेस्टिंग सिस्टम के माध्यम से ड्राइविंग कौशल का मूल्यांकन किया जा रहा था। रंजीत ने डीएम के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्ड स्कैन कर अपनी टेस्ट प्रकिया पूरी की। डीएम ने पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा और प्रशिक्षक से केंद्र के संचालन एवं तकनीकी व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद डीएम ने सिम्युलेटर कक्ष एवं प्रशिक्षण कक्ष का भी निरीक्षण किया और व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाए जाने के निर्देश दिए।
