


(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां (खीरी) लखीमपुर खीरी, 04 मई। किताबों से बाहर निकलकर विज्ञान को करीब से समझने का मौका जब मिला, तो छात्रों की जिज्ञासा भी परवान चढ़ गई। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश के तहत संचालित जिला विज्ञान लखीमपुर खीरी के तत्वावधान में विज्ञान बस ने जिलेभर में विज्ञान का ऐसा ‘सफर’ तय किया, जिसने बच्चों के भीतर छिपे वैज्ञानिक को जगाने का काम किया। इस भ्रमण कार्यक्रम का समन्वयन जिला विज्ञान क्लब के जिला समन्वयक सुनील कुमार मिश्र ने किया।
13 अप्रैल से 04 मई तक सभी तहसीलों में भ्रमण करने के बाद सोमवार को इस अनोखे अभियान का समापन गुरुनानक विद्यक सभा इंटर कॉलेज में हुआ, जहां डीएम अंजनी कुमार सिंह ने डीआईओएस विनोद कुमार मिश्र, प्रधानाचार्य डॉ मीनाक्षी तिवारी, ईशविंदर सिंह, विद्यालय प्रबंधन के साथ विज्ञान बस का अवलोकन किया। इस दौरान तीन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बस में मौजूद अत्याधुनिक उपकरणों और प्रयोगों को नजदीक से देखा और समझा।
डीएम ने छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने, नए प्रयोग करने और नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिला विज्ञान क्लब को निर्देश दिए कि ऐसे कार्यक्रमों को आगे भी लगातार संचालित किया जाए, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बच्चों तक विज्ञान की पहुंच बनी रहे। वही डीएम अंजनी कुमार सिंह ने इस विज्ञान बस में आए एजुकेटर सुभाशीष, ब्रिकेश कुमार, रिंकू, बस चालक देवेंद्र मिश्र, सहायक अश्वनी विश्वकर्मा को सम्मानित कर उनके प्रयासों की सराहना की।
*विज्ञान बस में तकनीक का रोमांच, 3D प्रिंटर से टेलीस्कोप तक छात्रों का बढ़ा कौतूहल*
विज्ञान बस में मौजूद 3D प्रिंटर, ऑप्टिकल बेंच, माइक्रोस्कोप और टेलीस्कोप जैसे उपकरण छात्रों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। बच्चों ने जहां सूक्ष्म संरचनाओं को माइक्रोस्कोप से देखा, वहीं टेलीस्कोप के जरिए रात्रि आकाश को निहारने की जानकारी भी हासिल की। बस में कक्षा 12 तक के भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, गणित और खगोल विज्ञान से जुड़े हैंड्स-ऑन प्रयोगों ने सीखने को रोचक बना दिया। खास बात यह रही कि आईआईटी कानपुर द्वारा तैयार करीब 300 शैक्षणिक फिल्में भी इस बस में उपलब्ध रहीं, जिनके जरिए छात्रों ने प्रयोगों की बारीकियों को समझा।
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लखीमपुर खीरी में विज्ञान बस का सफल समापन। DM अंजनी कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को नवाचार हेतु प्रेरित किया एवं टीम को सम्मानित किया। 13 अप्रैल से 4 मई तक चले अभियान में विद्यार्थियों ने 3D प्रिंटर, टेलीस्कोप व प्रयोगों के माध्यम से विज्ञान को नजदीक से समझा।
