(ओमप्रकाश ‘सुमन’)
पलिया कलां ( खीरी)दुधवा टाइगर रिजर्व वन एवं वन्य जीवों की सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां महत्वपूर्ण वन्य जीवों में से एक हांथी, एवं बाघ अच्छी संख्या में विद्यमान हैं, तथा यहां संचालित गैण्डा पुर्नवास योजना के अंर्तगत 52 गैण्डा भी हैं, जिनमें से विगत वित्तीय वर्ष में 04 गैण्डों को स्वछंद विचरण हेतु अवमुक्त किया जा चुका है, तथा 06 अन्य गैण्डो को स्वछंद विचरण हेतु अवमुक्त किया जाना विचाराधीन है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए दुधवा के आस-पास बसे ग्रामीणों के आम जनमानस के लोगों को जागरुक किए जाने हेतु निरंतर दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग, पलिया-खीरी के दुधवा बाघ संरक्षण फाउण्डेशन में कार्यरत कार्मिकों के माध्यम से जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
आज धनीराम मोटिवेटर के नेतृत्व में दक्षिण सोनारीपुर रेंज के सीमावर्ती गॉव बुद्धापुरवा एवं इटैया के प्राथमिक विद्यालयों में जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस जागरुकता कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, अध्यापकगण, स्थानीय लोगों के साथ-साथ ईको विकास समिति के लोग भी उपस्थित रहे।
बेलरायां रेंज के समीपस्थ गॉव पचपेड़ा, रिछिया के ग्राम प्रधान के आवास पर सुश्री नाजरुन निशा मोटिवेटर द्वारा जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस जागरुकता कार्यक्रम में ग्राम प्रधान के साथ ग्रामीण एवं बेलरायां रेंज स्टाफ शरीफ अहमद, वन दरोगा एवं विकास तिवारी, वन रक्षक उपस्थित रहे।
जागरुकता कार्यक्रम में मोटिवेटर एवं स्टाफ द्वारा लोगों को वन्य जीवों से बचाव के उपायों पर चर्चा करते हुए आवश्यक सुझाव दिए, साथ ही वन्य जीवों के क्षेत्र में आने पर तत्काल प्रभाव से वन विभाग को सूचित किए जाने हेतु परामर्श दिया गया।